सर्वोच्च न्यायालय की ओर से ऊंचा समाना स्थित प्रसिद्ध बाबा पक्के पुल मंदिर का फैसला वक्फ बोर्ड के पक्ष में दिया गया है। अब ग्रामीणों ने सरकार से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर जमीन के कागजात की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और वक्फ बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान चेताया कि यदि सरकार ने इस जमीन को वापस ऊंचा समाना के नाम नहीं कराया तो वे धरने को उग्र कर देंगे।
ग्रामीणों ने स्वतंत्रता दिवस के दिन सोमवार को पक्का पुल मंदिर पर तिरंगा फहराने के बाद अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के अधूरे दस्तावेज की वजह से कोर्ट का फैसला वक्फ बोर्ड के पक्ष में गया है। इस पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही रही है। ऊंचा समाना के साथ आसपास की अन्य 50 पंचायतें भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं वे धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
ग्रामीण राजेंद्र राणा, दीपक गोस्वामी, राजेश बंसल, मंछदर, राजीव कुमार, पंडित विक्रम शर्मा ने बताया कि ऊंचा सामना आवर्धन नहर के नजदीक जीटी रोड पर सैकड़ों वर्षों से बाबा पक्के पूल वाले के नाम से मंदिर व पीर है। बाबा पक्के पुल हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और हर रोज यहां पर हजारों श्रद्धालु शीश नवाने के लिए आते हैं।
वक्फ बोर्ड की दान राशि पर हैं निगाहें : मुस्लिम समुदाय
मुस्लिम समुदाय के गुलबार खान, वजीर अहमद आदि का कहना है कि गांव में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ हिंदू समुदाय के लोगों का अच्छा भाईचारा है। मुस्लिम समुदाय का कोई भी व्यक्ति पक्के पुल पर मत्था टेकने के लिए नहीं आता। हालांकि गांव में मुस्लिम समुदाय के कई परिवार रहते हैं। किसी भी मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति पर किसी प्रकार कोई कटाक्ष नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऊंचा समाना के साथ-साथ हरियाणा सहित अन्य राज्यों के लोगों की आस्था भी बाबा पक्के पुल वाले से जुड़ी हुई है। आरोप लगाया गया कि वक्फ बोर्ड की केवल यहां एकत्र होने वाली करोड़ों रुपये की दान राशि पर नजर है। उसे लोगों की आस्था से कोई सरोकार नहीं है।
राष्ट्रपति से लगा सकते हैं गुहार : ठाकुर
हिंदू संगठन देवा इंडिया फाउंडेशन की डायरेक्टर साध्वी देवा ठाकुर पक्के पुल पर वक्फ बोर्ड के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में अपना समर्थन दे दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा पक्के पुल हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि जीत नहीं हुई तो राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे।