- इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को मेडिकल कॉलेज के काटने पड़ते थे चक्कर
राकेश चौहान
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में पांच महीने बाद मनोरोग विशेषज्ञ की नियुक्त हुई है। इससे पहले नागरिक अस्पताल में आने वाले मनोरोगियों व नशे के मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। उन्हें कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के चक्कर काटने पड़ रहे थे। कुछ मरीजों को प्राइवेट अस्पताल से इलाज कराना पड़ रहा था, लेकिन अब मरीजों की परेशानी दूर होगी। नागरिक अस्पताल में कमरा नंबर 18 में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. निर्णय मरीजों की जांच करेंगे। वहीं नशा मुक्ति केंद्र में भी मरीजों को दाखिल किया जाएगा। अस्पताल में पहले 50 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती थी। संवाद
20 बेड का है नशा मुक्ति केंद्र
जिला नागरिक अस्पताल में 20 बेड का नशा मुक्ति केंद्र बनाया गया है। जिसमें महिला-पुरुषों के अलग-अलग बेड हैं। इससे अलग नशा मुक्ति केंद्र में अलग से एक योग कक्ष बनाया है। इसके लिए एक योग इंस्ट्रक्टर है। इससे अलग मिनी जिम, म्यूजिक के लिए गिटार, टीवी, कैरम बोर्ड, चेस आदि उपकरण हैं। जिससे मरीज मनोरंजन भी कर सकते हैं।
नशे के मरीज आते हैं सबसे अधिक
जिला नागरिक अस्पताल के मनोरोग ओपीडी में सबसे अधिक नशे के मरीज हैं। इन मरीजों में सबसे अधिक शराब पीने के आदी होते हैं। इनमें बीड़ी, सिगरेट पीने वाले मरीज भी शामिल हैं। वहीं स्मैक, गांजा, चरस पीने वाले मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। कुछ मरीज ऐसे आते हैं जो घर में तोड़-फोड़ व झगड़ा तक करते हैं।
अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. निर्णय की नियुक्त हुई है। मरीजों को अब किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अस्पताल में 20 बेड का नशा मुक्ति केंद्र भी है। जहां मरीजों को दाखिल कर उनका इलाज किया जाता है।
- डॉ. दीपक गोयल, पीआरओ, नागरिक अस्पताल करनाल