माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग विभाग के प्रमुख प्रो.परमिंदर सिंह सोमवार को महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (एमएचयू) पहुंचे। उन्होंने यहां के विद्यार्थियों को फूलों की संरक्षित खेती के तरीके बताए। इसे किसानों के लिए लाभदायक बताते हुए इसकी पैदावार के लिए प्रेरित किया।
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में फूलों की खेती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. एसके मल्होत्रा पहुंचे। बागवानी महाविद्यालय के डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज के डॉ. धर्मपाल ने उनका स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि फूलों की खेती प्रदेश के किसानों के लिए आर्थिक लाभ देने वाली फसल है। हरियाणा में फूलों की खेती का बहुत स्कोप है। किसानों को परंपरागत खेती की अपेक्षा फूलों की खेती से बड़ा फायदा हो सकता है। कई लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा। हरियाणा की परिस्थितियों के लिए प्रमुख फूलों की फसलों पर प्रकाश डाला।
प्रो.परमिंदर सिंह ने उत्पादकों के सामने आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने गुलदाउदी, जरबेरा, गुलाब, आर्किड, लिलियम और कट ग्रीन्स जैसी फूलों की फसलों की संरक्षित खेती के बारे में जानकारी दी। विषय की गहरी समझ को बढ़ावा दिया और क्षेत्र में संभावित अनुप्रयोग पर चर्चा को बढ़ावा दिया। डॉ. धर्म पॉल ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। इस अवसर पर डीन डॉ. आरके. गोयल, छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रंजन गुप्ता और फ्लोरीकल्चर विभागाध्यक्ष डॉ. किरण व संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।