नगर निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया ने स्मार्ट सिटी को लेकर तैयार की गई अपने मजबूत दावों की फाइल (प्रोजेक्ट) मंगलवार को केंद्र सरकार को सौंप दी है। रेट्रोफीट कैटेगरी के तहत जमा कराए गए इस प्रस्ताव को अन्य शहरों के मुकाबले काफी मजबूत माना जा रहा है। टॉप 20 शहरों में करनाल की दावेदारी को लेकर अभी से कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से 26 जनवरी को स्मार्ट सिटी के लिए 20 शहरों के नाम की घोषणा करेंगे।
स्मार्ट सिटी को लेकर अंतिम फैसला केंद्र सरकार के हाथ में है। लेकिन नगर निगमायुक्त सुमेधा कटारिया को कर्ण नगरी का स्मार्ट सिटी के लिए चयन होने की पूरी उम्मीद है। उनका कहना है कि निगम द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए शहर की मजबूत दावेदारी पेश की है। लेकिन इस दौड़ में कर्ण नगरी के अतिरिक्त 98 शहर ओर भी हैं। हमारा दावा इसलिए मजबूत है कि जन सहभागिता व एरिया बेस डेवेल्पमेंट के मामले में करनाल की स्थिति बेहतर है। इसलिए उन्हें शहर के स्मार्ट सिटी के लिए चयनित होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को उन्होंने केेंद्र सरकार को प्रोजेक्ट सौंप दिया है। अब देश के प्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस पर स्मार्ट सिटी के लिए चयनित होने वाले देश के 20 शहरों के नाम की घोषणा करेंगे।
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अगर चुने गए तो मिलेंगे प्रति साल 200 करोड़
अगर करनाल 20 शहरों में चुना गया तो उसे इसी साल विकास कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा, जो शहर इस दौड़ में पिछड़ जाएंगे, उनको दोबारा से प्रतियोगिता से गुजरना होगा और अगले के लिए प्रतियोगिता करेंगे। इससे उनका नुकसान यह है कि इस साल के लिए मिलने वाले 200 करोड़ रुपये से वे शहर हाथ धो बैठेंगे।
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मेयर का दावा करनाल बनेगा स्मार्ट सिटी (फोटो-14)
मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि करनाल का स्मार्ट सिटी के लिए चयन होगा। निगम द्वारा शहर के विकास को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है तथा शहर की जनता की दुआएं भी उनके साथ हैं। वे लोगों द्वारा देखे गए स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करने में कामयाब होंगे। अब तो बस सरकार के फैसले का बेसब्री से इंतजार रहेगा।