दिल्ली से अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 पर यातायात को सुरक्षित बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिए 20 स्थानों पर उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। एडीजीपी आलोक कुमार राय शुक्रवार को मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी के सरदार पटेल हॉल में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में दिल्ली-अम्बाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में भारी कमी लाने के लिए संभावित उपायों पर पुलिस, ट्रैफिक ट्रेनिंग संस्थान और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श किया। अध्यक्षता एडीजीपी एवं हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक आलोक कुमार रॉय ने की। बैठक में एडीजीपी कानून-व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। एडीजीपी आलोक रॉय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं जहां राष्ट्र के नवनिर्माण में बाधा हैं, वहीं अनेक लोग इसके कारण अपने प्रियजनों को भी गवां देते हैं। निरंतर बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और उनसे होने वाली जीवन और संपत्ति की हानि हमें इस विषय पर गंभीरता से विचार और कार्य करने के लिए जिम्मेदार बनाती है।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गति प्रवर्तन प्रणाली (स्पीड एनफार्मसमेंट सिस्टम) पर भी प्रस्तुति हुई। इस प्रणाली में दिल्ली से अंबाला तक 20 स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी सहायता से सड़क नियमों की पालना न करने वालों कड़ी नजर रखी जाएगी। एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क ने अन्य प्रतिभागियों के साथ विमर्श करते हुए इस प्रणाली को और उपयोगी व व्यावहारिक बनाने के लिए अपने-अपने विचार रखे। इन कैमरों कीमदद से सड़क नियमों को लागू करने और अपराधियों पर नकेल कसने में सहायता मिलेगी।
हर चार मिनट में एक की मौत
यातायात एवं राजमार्ग हरियाणा की महानिरीक्षक डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि हर चार मिनट में सड़क पर एक व्यक्ति की मौत होती है, यह केवल व्यक्ति विशेष की मौत नहीं बल्कि उससे जुड़े परिवारों के लिए भी मृत्यु समान स्थिति होती है। सड़क सुरक्षा एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे सभी हितधारकों को मिलकर पूरा करना है। यह जिम्मेदारी कानून लागू करने, बेहतर सड़क बनाने से लेकर समाज के बीच सड़क सुरक्षा के अनुशासन से पूरी होगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता अभियान चलाकर समाज को सुरक्षित रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। करनाल के पुलिस महानिरीक्षक योगिंद्र नेहरा ने कहा कि राजमार्ग पर बहुत से ओवरब्रिज निर्माणाधीन हैं, लेन के विस्तार का कार्य भी किया जा रहा है। इसे देखकर इन स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक, सूचना संकेत लगे होने चाहिए ये दुर्घटना से बचाव में चालकों के मार्गदर्शक बनते हैं।
हादसों की वजह इंजीनियरिंग और अतिक्रमण
सड़क एवं यातायात शिक्षा संस्थान फरीदाबाद के अध्यक्ष डॉ. रोहित बलुजा ने कहा कि टेक्नोलॉजी के साथ-साथ जागरूकता और समाज की सहायता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। सड़क दुर्घटना का कारण हमेशा वाहन चालक नहीं है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग और सड़क के किनारे किए जाने वाले अतिक्रमण भी जिम्मेदार हैं। इस वर्ष दिल्ली-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर 389 लोगों को वाहन दुर्घटना में अपनी जान गवानी पड़ी। हमें मिलकर प्रयोग के तौर पर दिल्ली-अम्बाला के 189 किलोमीटर को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने प्रस्ताव किया कि सड़क एवं यातायात शिक्षा संस्थान, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क निर्माण में लगी संस्थाओं और अन्य शिक्षण संस्थाओं के सदस्यों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए तत्पर है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस मुख्यालय पर उप-पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन राकेश आर्य, अंबाला के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल, कुरुक्षेत्र की पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, यातायात एवं राजमार्ग हरियाणा के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, करनाल के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया, पानीपत के पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार, सोनीपत की पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा, यातायात एवं राजमार्ग हरियाणा के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में परियोजना निदेशक आशीष जैन भी उपस्थित रहे।
राजमार्ग पर जहां लगेंगे कैमरे
करनाल : शनि मंदिर कोहंड, इंडो-इस्रायल परियोजना के सामने घरौंडा, नीलकंठ के सामने करनाल, मयूर ढाबा के पास, रंबा मोड़ तरावड़ी, पेट्रोल पंप गांव बराना।
कुरुक्षेत्र : उमरी जीटी रोड, होटल गोल्डन सरस के पास, शाहाबाद, मोहड़ी।
अंबाला : डीआरएम कार्यालय के नजदीक अंबाला कैंट, मॉडल टाउन क्रासिंग, गुरुद्वारा मंझी साहिब के पास अंबाला शहर।
पानीपत : जीटी रोड़ पट्टी कल्याणा, गांव सिवाह, सेक्टर-40 मोड़।
सोनीपत : टीडीआई मॉल कुडली, दावत राइस मिल के सामने, हसनपुर मोड़, सनपेड़ा मोड़।