करनाल में हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने मांगों के संबंध में वीरवार को सेक्टर 12 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने शाम तीन बजे से पांच बजे तक जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
हरियाणा सरकार एवं शिक्षा विभाग की ओर से करवाई जा रही वादाखिलाफी एवं हठधर्मिता के विरोध में ढाई सौ प्राध्यापक दो घंटे तक गरजते दिखाई दिए। हसला के जिला महासचिव हरिशंकर शर्मा ने बताया कि प्राध्यापक वर्ग विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति चिंतित और सजग है।
संपूर्ण आंदोलन के दौरान प्राध्यापकों ने अपने-अपने स्कूल में पढ़ाते हुए आंदोलन को भी सफल बनाया है ताकि छात्रों की शिक्षा का नुकसान नहीं हो। अब प्राध्यापक आंदोलन को उग्र रूप देते हुए 29 नवंबर को शाम तीन से पांच बजे तक सेक्टर 12 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।
यदि फिर भी प्रदेश सरकार ने इस वर्ग की मांगें नहीं मानी तो राज्यभर के प्राध्यापक अपने हकों की लड़ाई के लिए 11 दिसंबर को पंचकूला स्थित शिक्षा सदन पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्राध्यापकों को अपनी मांगों व आंदोलन की रूपरेखा पर जानकारी दी और भविष्य में अपनी लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
मौके पर मीनू सलूजा, अंजू महाजन, सुनीता नरवाल, अनीता बाल्यान, संध्यादीप, प्रमोद शर्मा, पवन कुमार, शीशपाल, इंद्रजीत कालिया, राजेश, रमेश, सुरेश, राजनारायण, भीम सेन, कर्मचंद, नरेंद्र शर्मा, सूरजभान, रामगोपाल व अरुण शर्मा उपस्थित रहे।
वेतन के लिए कंप्यूटर सहायकों ने भरी हुंकार
करनाल में हरियाणा राजकीय कंप्यूटर अध्यापक व लैब सहायक संघ के सदस्यों को वेतन नहीं दिए जाने पर वीरवार को कर्ण पार्क में बैठक की और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह ने प्रदेश सरकार के विरोध में रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर संघ मांग करता है कि सरकारी स्कूलों में ठेका प्रथा को समाप्त कर कंप्यूटर व लैब सहायकाें को भी शिक्षा विभाग के तहत नीति बनाकर शामिल किया जाए।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर लैब सहायकों का निजी कंपनियों के साथ आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। लैब सहायकों की ओर से नियमित कार्य करने के बावजूद भी पिछले बीस माह नहीं से वेतन नहीं दिया जा रहा।
इस संदर्भ में कंप्यूटर संघ कई बार शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल व मुख्यमंत्री से भी गुहार लगा चुका है लेकिन प्रत्येक बार आश्वासन देकर उन्हें भेज दिया जाता है। यदि फिर भी मुख्यमंत्री ने मांगाें की ओर ध्यान नहीं दिया तो कंप्यूटर लैब सहायक आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
मौके पर जिला अयक्ष गुलाब सिंह, नरेंद्र, निशा देवी, अमित, राजेश, जसबीर, अशोक, अनिल, अमृत, जसबीर, वर्षा रानी, बबीता, अंकिता, जयकुमार, संजीव, बलकार व नीरज उपस्थित रहे।
चुनावी आहट देखकर कर्मियों ने भी बदले तेवर
करनाल में चुनावी आहट के साथ हरियाणा के कर्मियों ने भी अपने तेवर आक्रामक कर लिए हैं। राज्य के कर्मियों की मांग पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ नाराजगी कम नहीं हो रही है।
इस विरोध में नाराज कर्मियों ने हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले 13-14 नवंबर को दो दिवसीय राज्यस्तरीय हड़ताल के बाद 22 दिसंबर को मुख्यमंत्री के होम सिटी रोहतक में हल्ला बोल राज्यस्तरीय रैली का आयोजन करने का ऐलान किया है।
इस रैली के लिए राज्य भर के कर्मचारी पूरी तैयारी में जुटे है। राज्यस्तरीय नेताओं के अनुसार रैली में करीब डेढ़ लाख से अधिक कर्मचारी पहुंचेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम का पूरा मॉडल तैयार किया जा चुका है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे लोग किसी हाल सरकार की गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं है।
बहुत कुछ बर्दाश्त करने के बाद वह लोग संघर्ष की राह पर आए है। राज्यभर के पचास से अधिक विभागों के करीब तीन लाख से अधिक कर्मचारी मांग पूरी नहीं होने के कारण सरकार से बेहद नाराज है। उन लोगों ने चुनावी आहट के साथ ही अपना पक्ष मजबूत करना प्रारंभ कर दिया है।
समय पर चोट करने के लिहाज से राज्य भर के तमाम संगठनों के कर्मचारी संयुक्त तौर पर सरकार के विरोध में उतर गए हैं। कर्मचारी दो सप्ताह पूर्व 13-14 नवंबर को दो दिन तक हड़ताल कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास करवा चुके हैं। सरकार ने मामले को निपटाने के लिए कर्मियों को आश्वासन भी दिए।
कर्मियों का कहना है कर्मियों की मांग पूरी करने की दिशा में सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इस विरोध में कर्मियों ने तालमेल कमेटी के बैनर तले ही संयुक्त विरोध करने के लिए 22 दिसंबर को रोहतक में ही संयुक्त रैली की हुड्डा सरकार की चूलें हिलाने का काम प्रारंभ कर दिया है।
पूरे हरियाणा में सर्वकर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ के समेत तमाम संगठनों के संयुक्त मेल से बनी हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्यों ने रैली के जरिए सरकार को अपनी ताकत दिखाने की पूरी योजना बना ली है।
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी ने करीब 125 टीमों का गठन किया है, जो राज्य भर के तमाम 21 जिला मुख्यालय और 119 ब्लॉक में इन टीमों के नेता पहुंचेंगे। रैली को सफल बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
विरोध नहीं होने देंगे कमजोर
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी ने करीब 125 टीमों का गठन किया है। प्रत्येक टीम में चार से लेकर दस तक कर्मचारी नेताओं को शामिल किया गया है।
ऐसे में करीब 700 से लेकर एक हजार से अधिक तक कर्मचारी नेता राज्यभर में पहुंचेेंगे। उन लोगों ने अपने शेड्यूल तय कर लिए है। वह लोग सरकार से टकराना नहीं चाहते लेकिन सरकार उन लोगों को टरकाने की नीति अपनाए हुए है।
अब राज्य भर के करीब तीन लाख कर्मचारी एकमत सहमत हो चुके हैं कि उन लोगों को अपने हक के लिए संघर्ष करना है। सरकार को अपनी ताकत दिखानी है। सरकार को कमा कर लाभ देने वाले कर्मियों का ही शोषण किया जा रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
सफल मुख्यमंत्री अपनी प्रजा और कर्मियों को नाराज नहीं करते। कर्मियों की मांग पूरी नहीं होने तक वह लोग अपना विरोध कमजोर नहीं पड़ने देेंगे।
धर्मबीर फौगाट, राज्य अध्यक्ष, सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा
सभी कर्मियों को सूचित किया गया
रैली के लिए जिलेभर के कर्मियों को सूचित कर दिया गया है। रैली में जिले से करीब पांच से आठ हजार कर्मियों के पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
जिला भर में हर ब्लॉक, कस्बा व डिविजन और सब डिविजन पर कर्मचारी नेता पहुंचेंगे। इसके लिए छह नेताओं के नेतृत्व में छह टीमों का गठन किया गया है।
तमाम विभागों के कर्मी रैली में जाएंगे। अगले महीने 7 और आठ दिसंबर को तमाम मंत्रियों के आवास पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। 15 दिसंबर को कार्यकर्ता शिविर लगाए जाएंगे। सरकार की ज्यादती किसी हाल बर्दाश्त नहीं होगी।
ओमप्रकाश सिंहमार, जिला अध्यक्ष, सर्व कर्मचारी संघ