पानीपत। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) और सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर निजी स्कूलों की ओर से दी गई सूचनाओं की अब गहन जांच की जाएगी। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर 848 निजी स्कूलों के मान्यता प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए बेहद कम समय निर्धारित किया है। वेरिफिकेशन पोर्टल को 15 मई से लाइव कर दिया गया है और अधिकारियों को 20 मई तक हर हाल में जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को केवल वैध दस्तावेज ही स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें विभाग की ओर से जारी स्थायी मान्यता प्रमाणपत्र अथवा समय पर रिन्यू कराए गए एनओसी व अस्थायी मान्यता प्रमाणपत्र शामिल हैं। वहीं, किसी भी शिक्षा बोर्ड जैसे सीबीएसई या एचबीएसई की ओर से जारी संबद्धता अथवा अनुमति पत्र को मान्यता के लिए मान्य नहीं माना जाएगा।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त निगरानी
विभाग के संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ निजी स्कूल पोर्टल पर प्राइमरी विंग या क्लास स्टेटस में जानबूझकर नहीं का विकल्प चुन लेते हैं, जिससे एंट्री लेवल कक्षाओं की सीटें अपने आप शून्य दिखाई देने लगती हैं। विभाग ने इसे सीट घोषणा से बचने की सोची-समझी रणनीति माना है। अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त होने का दावा करने वाले स्कूलों के दस्तावेजों की भी विशेष जांच होगी।
पोर्टल पर सुधार का नहीं मिलेगा मौका
निदेशालय ने साफ कर दिया है कि वेरिफिकेशन पोर्टल पर किसी प्रकार के सुधार का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। इसलिए अधिकारियों को पहली बार में ही पूरी जिम्मेदारी और सटीकता के साथ रिकॉर्ड सत्यापित करना होगा। लॉगिन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इसे एमआईएस पोर्टल के क्रेडेंशियल्स और ओटीपी आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है। तकनीकी दिक्कत आने पर विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 जारी किया है, जिस पर कार्य दिवस में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
शिक्षा निदेशालय से जो भी निर्देश मिले हैं, उनका पूरी गंभीरता से पालन किया जाएगा। निजी स्कूलों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। निर्धारित समय में रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेज दी जाएगी। - राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।