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प्राइवेट स्कूलों ने सार्वजनिक नहीं की सीटें और संशय कायम

Mon, 28 Mar 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, करनाल
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जिले के प्राइवेट स्कूल इस बार भी 134-ए के दाखिलों को लेकर गंभीर नहीं है। जिले के अधिकतर स्कूलों ने अभी तक 134-ए की रिक्त सीटों को सार्वजनिक नहीं किया है। जबकि विभाग द्वारा  एडमिशन शैड्यूल के मुताबिक पहली कक्षा में दाखिले के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 29 मार्च  निर्धारित कर दी है। स्कूलों में रिक्त सीटों की संख्या का पता न चलने से अभिभावकों को स्कूलों का चयन करने में भी परेशानी हो रही है। जबकि विभाग द्वारा सभी स्कूलों को 25 मार्च तक 134-ए के तहत भरी जाने वाली सीटों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन ज्यादातर  स्कूलों ने अभी तक सीटों की संख्या को सार्वजनिक नहीं किया है।
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देश में शिक्षा नीति 2003 को लागू हुए 13 साल हो गए हैं। लेकिन अभी तक सरकार शिक्षा नीति के नियमों को धरातल पर लागू नहीं कर सका है। इस शिक्षा नीति के नियम 134-ए के तहत गरीब परिवारों क बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों में सक्ष्म वर्ग के बच्चों के समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार प्रदान किया था। जिसे लागू करवाने में ही लोगों को छह साल तक कानूनी लड़ाई लडनी पड़ी। जब कोर्ट से जंग जीती तो उसके बाद विभाग की लापरवाही के चलते व लोगों में जागरुकता का अभाव होने के वजह से 13 सालों में बाद भी गरीब परिवारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने का सपना पूरा नहीं हो सका है। इस वर्ष सरकार ने इस विषय पर थोड़ी गंभीरता दिखाई है, लेकिन स्कूलों की मनमानी इस बार भी उम्मीदें टूटती नजर आ रही है।  स्कूलों के निर्देश के बाद भी अधिकतर स्कूलों ने सीटों की संख्या को सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में अभिभावकों के लिए सही स्कूल का चयन करने में परेशानी हो सकती है। जबकि आरटीई एक्ट के तहत पहली कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 29 मार्च निर्धारित की गई है।

पहली कक्षा में 25 सीटों पर होगा एडमिशन
आरटीई एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में कुल सीटों के मुकाबले 25 प्रतिशत सीटों पर बीपीएल या आर्थिक आधार पर पिछड़े परिवारों के छात्रों को दाखिला देने का प्रावधान है। लेकिन इससे पहले शर्त यह भी है कि उस क्षेत्र के दो से तीन किलोमीटर के दायरे में कोई सरकारी स्कूल न हो। यदि कोई सरकारी स्कूल है तो सबसे पहले उसकी सीटें पूरी होंगी, इसके बाद प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिलेगा। लेकिन दूसरी से 12वीं कक्षा तक के एडमिशन नियम 134-ए के तहत होते हैं। यदि कोई स्कूल हुडा एरिया में है तो उसमें कुल सीटों की 20 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन होंगे। इसके अलावा अन्य स्कूलों की 10 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन होंगे। विभाग द्वारा इसके लिए स्कूलों से रिक्त सीटों का ब्यौरा भी मांगा है तथा स्कूलों को अपनी सीटें नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के भी निर्देश दिए हैं।
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29 मार्च से आठ अप्रैल तक कर सकेंगे आवेदन
विभाग द्वारा प्राइवेट स्कूलों में 134-ए के तहत होने वाले दाखिलों को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है। विभाग द्वारा पहली कक्षा में दाखिलों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 29 मार्च निर्धारित की गई है। वहीं दूसरी ओर कक्षा दूसरी से 12 कक्षा तक के दाखिलों के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख आठ अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके लिए विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर नोडल सेंटर भी बनाए जाएंगे। जहां पर अभिभावक ऑफलाइन आवेदन जमा करवा सकेंगे।

सरकार अपनी शर्तें पूरी करे
सीबीएसई सहोदय स्कूल कांप्लेक्स के प्रधान डॉ. राजन लांबा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार 134ए के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं और नये सत्र में भी एडमिशन दिए जाएंगे। सरकार को भी 134ए की शर्तों के तहत स्कूलों को दी जाने वाली सहयोगी राशि समय पर दी जानी चाहिए। पिछले दो सालों के दौरान जिन बच्चों के एडमिशन स्कूलों में हुए हैं उनकी सहयोग राशि स्कूलों को नहीं मिली है।  

एडमिशन में इस बार नहीं होने देंगे मनमानी
अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरुला व नवीन अग्रवाल ने कहा कि इस बार दाखिलों में  स्कूलों की मनमानी नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों ने अब तक सीटें की संख्या सार्वजनिक नहीं की हैं, उन स्कूलों की टोटल संख्या के मुताबिक बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। भले ही स्कूल में पहले से ही 134-ए के तहत बच्चों के एडमिशन हुए हों। इस बार लोगों को जागरुक करने के लिए बीईओ कार्यालय के बाहर हेल्प डेस्क भी लगाया जाएगा।

वर्जन
जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों को 25 मार्च तक 134-ए के दाखिलों की रिक्त सीटों को ब्यौरा नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई स्कूल इसमें आनाकानी करता पाया गया तो विभाग द्वारा उस स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, करनाल।
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