करनाल। जिले में निजी प्ले-वे स्कूल महिला एवं बाल विकास विभाग में पंजीकरण के बिना ही संचालित हो रहे हैं। जब विभाग की टीमों एवं सुपरवाइजरों की ओर से इन स्कूल प्रबंधकों को पंजीकरण के लिए कहा जाता है तो वे कराने से भी मना कर रहे हैं। यह जानकारी शुक्रवार को हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य मांगे राम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुपरवाइजरों ने दी।
शुक्रवार को निजी प्ले स्कूलों से संबंधित बैठक हुई। स्कूल के पंजीकरण से संबंधित आ रही समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इधर, स्थिति यह है कि जिले में अभी तक केवल 40 प्ले स्कूलों द्वारा ही पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। जिसमें से केवल पांच प्ले स्कूलों के दस्तावेज पूर्ण होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी हो पाए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारियों को सभी स्कूलों की सूची कार्यालय में भेजने व उनके साथ बैठक करने के भी निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ज्योत्सना मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला के सभी खंड शिक्षा अधिकारी आदि मौजूद रहे।
बैठक में सुपरवाइजरों ने बताया कि अधिकतर निजी प्ले स्कूलों में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों का दाखिला होता है। परंतु स्कूल की प्रबंधन समिति हमें यह बताती है कि हमने शिक्षा विभाग से पंजीकरण करवाया हुआ है तो दूसरे पंजीकरण की क्या आवश्यकता है? कई बार स्कूल प्रबंधन को इस बारे में समझाना बहुत कठिन हो जाता है। इस पर सदस्य मांगे राम ने जिला स्तरीय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सभी को इस संबंध में जागरूक किया जा सके कि निजी प्ले स्कूल के पंजीकरण महिला एवं बाल विकास विभाग से करवाए जाने अनिवार्य हैं।