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दाम बढे़ तो बुलेट पर सवार हो गए किसान

Wed, 04 Dec 2013 10:44 PM IST
करनाल
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करनाल में बासमती धान का आसमान छूता भाव किसानों की पौबारह कर गया है। इतना ही नहीं, जहां कुछ किसानों ने धान के ऊंचे भाव मिलने से अपने कई-कई वर्ष के कर्ज चुका दिए हैं, वहीं, काफी किसानों के बेटों के अरमान भी बेहद ऊंचे दिखाई दे रहे हैं।
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धान के ऊंचे भाव मिलना किसानों के बेटों को रास आ गया है। पैसे आने के साथ उन्होंने भी नए लुक में दिखने के लिए शहर के बुलेट बाइक के शो रूम पर धड़ाधड़ बुकिंग करवा डाली हैं। करनाल के शोरूम पर तुरंत भुगतान करने पर भी बुलेट नहीं दी जा रही है।

शोरूम संचालक के अनुसार अगले नौ महीने की बुकिंग एडवांस हो चुकी है। चार साल पहले के हाल पर नजर दौड़ाई जाए तो बुलेट बहुत कम लोग लेते थे।  इस वर्ष बुलेट लेने के लिए मांग थोड़ी नहीं अधिक बढ़ी है। खासकर युवा वर्ग के लिए स्टाइल मारने और विशेष अंदाज में दिखने के लिए बाइक की दुनिया में बुलेट उनकी पहली पसंद बनी है।
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चूंकि बुलेट करीब एक लाख रुपये कीमत की होने के कारण हर किसी के बूते की बात नहीं है लेकिन बासमती धान बेचने वाले किसानों के लिए अब एक लाख खर्च करना कुछ ज्यादा नहीं माना जा रहा है। ऐसे में अगले नौ महीने के लिए करनाल के माेंगा मोटर्स पर अब तक स्टैंडर्ड मॉडल की करीब तीन सौ से अधिक बुलेट की बुकिंग हो चुकी हैं। ये मॉडल युवाओं को सबसे अधिक भा रहे हैं।

गांव गंजोगढ़ी के किसान कुलदीप सिंह, गांव फाजिलपुर के किसान रघुबीर सिंह, गांव खेड़ा के किसान वेदप्रकाश समेत कई किसानों ने कहा कि इस बार पिछले करीब आठ साल बाद बासमती धान का दाम किसान को ऊंचा नहीं बेहद ऊंचा मिला है।

किसान को बासमती का दाम पिछले साल करीब 44 सौ रुपये प्रति क्विंटल मिला था। इस वर्ष यह बढ़कर करीब 58 सौ से छह हजार तक पहुंच गया। 1121 का भाव भी पिछले साल के मुकाबले करीब एक से डेढ़ हजार रुपये प्रति क्विंटल अधिक रहा है।

इन किसानों के अनुसार किसानों के खेत पर झाड़ भी अधिक हुआ है। बीमारी भी नहीं आई है। पछेती धान लगाने वाले किसानों को थोड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। इन लोगों के अनुसार 70 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का धान प्रति एकड़ निकला है। जिलेभर में सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक लाख 70 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल लगाई गई थी।

इसमें से साठ प्रतिशत धान बासमती का रहा, जो लगभग चार लाख 25 हजार एकड़ बनता है। ऐसे में किसानों को औसत 80 हजार रुपये प्रति एकड़ भी माना जाए तो किसानों को करोड़ों रुपये पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक मिले हैं। 30 प्रतिशत क्षेत्र में मोटा धान लगाया गया है।

मात्र 10 प्रतिशत क्षेत्र में हाइब्रिड लगाया गया है। ऐसा नहीं है कि मोटे धान में कमाई नहीं हुई है लेकिन बासमती के मुकाबले बहुत कम हुई है। इन किसानों के बच्चे एक दूसरे को देखकर धान महंगी बिकने की बात कर बुलेट खरीदने पर जोर दे रहे है। किसान रघुबीर के अनुसार वह अपने बेटे को बुलेट दिला चुके हैं। उनके भतीजे को भी यह मोटरसाइकिल दिलानी है। यही हालत दूसरे किसानों की है।

मंडियों में बुलेट के नाम पर भुगतान
मंडी के विपिन गुप्ता, जयनरायण समेत कई आढ़तियों ने बताया कि इस बार धान महंगे भाव में बिकने से किसानों की पौबारह हो गई है।

साथ ही पैसा बच्चों के शौक पर खर्च किया जा रहा है। पेमेंट लेने के समय अधिकतर किसानों ने बेटे को बुलेट दिलाने के नाम पर जल्दी भुगतान करने की बात की है।

युवाओं में खासा क्रेज
शहर के बुलेट शोरूम मोंगा मोटर्स के मालिक रजनीश मोंगा के अनुसार उन्हें महीने में 30 से 35 गाड़ियां मिलती हैं। धान की बिक्री के पहले भी युवाओं में क्रेज तो था लेकिन दस से 12 गाड़ियां बिक जाती थीं लेकिन धान महंगी बिकने के बाद ग्रामीण ग्राहक बुलेट की बुकिंग के लिए अधिक आ रहे हैं।

कुछ को शादी में देनी है तो कुछ को बेटे के लिए लेनी है लेकिन उनकी पसंद बुलेट ही बनी है। अगले नौ महीने के लिए अब तक 300 से अधिक गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है।  


चोरों ने सांसद के घर के पास के मकान को बनाया निशाना
करनाल। चोरों ने दिनदहाडे़ सेक्टर छह के एक मकान का दरवाजा तोड कर सोने के जेवरों समेत पांच हजार रुपये साफ कर दिए। बताया गया कि घटना के समय पति पत्नी अपनी ड्यूटी पर गए थे।

बताया गया कि चारों ने सांसद के आवास के पास स्थित मकान नंबर 1430 को अपना निशाना बनाया। चोरों ने दरवाजा तोड़ कर सोने के काफी जेवर और पांच हजार की नकदी साफ कर दी। चोर आर्टिफिशियल सामान भी ले उडे़। करीब साढे 12 बजे घटना को अंजाम दिया गया।
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बताया गया कि मकान मालिक ममता इसी क्षेत्र के एक स्कूल में अध्यापक है। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। 
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