हरियाणा रोडवेज करनाल डिपो में दस दिनों के भीतर पांच नई मिनी बसें आने वाली हैं। विभागीय मुख्यालय से इसके आदेश हो चुके हैं। 32 सीटर मिनी बस किन मार्गों पर चलेंगी, इसका निर्धारण अभी नहीं हुआ है। सरकार की योजना है कि शिक्षण संस्थानों में जाने वाली लड़कियों के लिए विशेष बसें चलाई जाएं। संभावना जताई जा रही है कि इसी योजना के तहत पांच मिनी बस भेजी जा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र से शहर के शिक्षण संस्थानों में आने जाने वाली छात्राओं को लाभ मिलेगा। यही नहीं अगले महीने किलोमीटर स्कीम के तहत 20 बसें करनाल डिपो को मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय डिपो में 155 बसें हैं। कुछ वर्ष पहले तक बसों की संख्या 180 तक थी। बसें कंडम होने के साथ धीरे-धीरे संख्या घटती गई, जिस कारण कई रूट पर यात्रियों को बसों की कमी खलने लगी है। करनाल-गढ़ीबीरबल मार्ग पर सरकारी बस की मांग को लेकर पिछले दिनों विद्यार्थियों ने संघर्ष किया था। यही नहीं करनाल-असंध व करनाल-हांसी रोड पर भी बसों की कमी देखी जा सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों को बसों पर चिपक कर जोखिम भरा सफर करना पड़ता है।
11 दिसंबर 2019 को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कर्ण लेक पर प्रदेश के सभी डिपो के महाप्रबंधकों की बैठक लेकर परिवहन सेवाओं की समीक्षा की थी। उन्होंने परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए महाप्रबंधकों से सुझाव मांगे थे। मंत्री ने कहा था कि सुझाव के बाद सरकार मंथन कर कोई निर्णय लेगी। छात्राओं को घर से संस्थान या कॉलेज तक जाने में कोई दिक्कत नहीं हो यह सरकार की प्राथमिकताओं में है। करनाल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला के लिए प्राथमिक चरण में छात्राओं के लिए बसें उपलब्ध करवाने की बात कही थी। यह विशेष बसें सुबह छात्राओं का शहर लाएंगी और संस्थान की छुट्टी के बाद उनके गांव पहुंचाएंगी।
करनाल डिपो में जल्द ही पांच मिनी बसें आएंगी। बसों के आदेश हो चुके हैं। यह बस 32 सीटर होगी। लड़कियों के लिए विशेष बसें चलाने की सरकार की योजना है। सरकार के आदेशानुसार बसों का संचालन होगा। अगले महीने किलोमीटर स्कीम के तहत भी 20 बसें करनाल डिपो को मिलने की उम्मीद है। - अजय गर्ग, जीएम रोडवेज, करनाल डिपो।