संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के दो सब स्टेशनों के सात फीडरों की बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य शुरू हो गया है।
32 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह कार्य प्रथम चरण में आंबेडकर चौक से घंटाघर चौक तक होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में खुले ट्रांसफार्मर की जगह 19 कॉम्पैक्ट सबस्टेशन (सीएसएस) लगाए जाएंगे। आंबेडकर चौक से कर्ण पार्क तक की बिजली तारों को भूमिगत करने का कार्य प्रगति पर है।
यह कार्य दिल्ली की गो पावर कंपनी को दिया गया है। कंपनी की ओर से सीएसएस रखने के लिए इमारत के बंद (प्लिंथ) तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद करीब 14 किलोमीटर के क्षेत्र में 11 केवी की एक्सएलपीई केबल (क्रॉस-लिंक्ड पॉलीइथिलीन) की लाइन बदली जाएगी। तार सीएसएस से निकलेगी जो आगे शहर में एलटी के माध्यम से सप्लाई देंगी। वहीं करीब 21 किलोमीटर के क्षेत्र में एलटी तारे लगेंगी। जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली निर्बाध व पूरी वोल्टेज दी जाएगी।
शहर में यह कार्य तीन मुख्य सड़कों पर किया जाएगा, जहां पर तारों का जंजाल सबसे ज्यादा है। इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सबसे ज्यादा है। इन तीन सड़कों में आंबेडकर चौक से घंटा घर चौक, कुंजपुरा रोड पुरानी सब्जी मंडी चौक से जिला नागरिक अस्पताल चौक तक, मीरा घाटी चौक से मेरठ चौक तक बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा।
इस कार्य को बिजली निगम की ओर से मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाजार की मुख्य सड़कों पर खुली बिजली लाइन हटने से दुकानदारों और राहगीरों को तारों के जंजाल से निजात मिलेगी। वहीं दुर्घटना की संभावना भी कम रहेगी। तारों के भूमिगत होने से आंधी व बरसात के मौसम में लाइन में खराबी आने की समस्या भी नहीं रहेगी। इस सुविधा से उपभोक्ताओं को बिजली के अघोषित कटों से राहत भी मिलेगी खुली लाइन में ज्यादा फाल्ट आते हैं।