बिजली के बिलों की बकाया राशि वसूली की दो योजनाएं लागू करने के बाद अब निगम ईमानदार लोगों के लिए भी योजना लागू करने की तैयारी में है। इमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं के लिए निगम ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। इस प्रस्ताव पर जल्द सरकार का फैसला आएगा और निगम की योजना को लागू किया जाएगा। इसके तहत योजना है कि कोई भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बिजली निगम की एनओसी दिखानी होगी, उसके बाद ही प्रमाण पत्र बन सकेंगे। यह जानकारी निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने दी।
उन्होंने बताया कि बुधवार को सेंट थ्रेसा कॉन्वेंट स्कूल के सभागार में जिले भर से आए पंच, सरपंचों और निगम के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिजली निगम को 730 करोड़ की बचत होने के बाद निगम ने बिजली के रेट 37 पैसे प्रति यूनिट सस्ते किए हैं, जोकि 1 सितंबर से लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिजली बिलों की बकाया राशि को वसूलने के लिए हर 10 साल में योजनांए बनाई जाती हैं, लेकिन इस बार जो लोग इमानदारी से अपना बिल भरते हैं, उनके लिए भी निगम द्वारा बनाई गई योजना का फैंसला जल्द आएगा।
हर सर्टिफिकेट बनवाने में दिखाना होगा बिजली का एनओसी
शत्रुजीत ने बताया कि जिस प्रकार पंचायती चुनाव में बिजली बिल की एनओसी लेना जरूरी था, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इसी प्रकार सरकारी विभागों से संबधित किसी भी कार्य जैसे सरकारी नौकरी, आर्म्स लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, गाड़ी का रोड सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के लिए बिजली बिल की एनओसी देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम को हर वर्ष घाटा होता था, जिसके कारण बिजली के रेट बढ़ जाते थे।
शहरों में बिके 62 लाख एलईडी बल्ब, ग्रामीण के लिए दिया ढाई करोड़ का ऑर्डर
सरकार ने बिजली की खपत को कम करने के लिए हर निगम के कार्यालय में एलईडी बल्बों को कम कीमत पर बेचने की पहल की गई। लोगों ने भी एलईडी बल्बों को खूब खरीदा, लेकिन जब से यह योजना शुरू की गई है। तब से पूरे प्रदेश में 62 लाख एलईडी बल्ब बिके है। निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में एलईडी बल्बों को बेचने के लिए उन्होंने बल्ब बनाने वाली कंपनी को ढाई करोड़ बल्ब बनने की बात कही है।
अभी तक 21 हजार 500 उपभोक्ता उठा चुकें हैं लाभ
सरकार की ओर से चलाई गई बिजली की दो योजनाओं का अभी तक साढ़े 21 हजार उपभोक्ता फायदा उठा चुके हैं। इनमें बिजली बिल ब्याज माफी योजना-2016 स्कीम का 20 हजार उपभोक्ता और स्वैच्छिक घोषणा योजना-2016 को केवल डेढ़ हजार उपभोक्ता ही फायदा उठा पाए है। निगम का दावा है कि इसके लिए 24 दिन बकाया है, जिनमें लाखों उपभोक्ता दोनों स्कीमों का लाभ लेंगे।