माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अधिकतम तापमान स्थिर है लेकिन न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है, जो गेहूं में नमी की मुख्य वजह बन रहा है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अब तापमान में वृद्धि की संभावना बन रही है। जिसके कारण इस सप्ताह मंडियों में गेहूं की आवक तेज हो सकती है।
पिछले सालों में गर्मी जल्द शुरू हो जाने के कारण वैशाखी से पहले ही गेहूं की कटाई हो जाती थी लेकिन इस बार मौसम का चक्र बिल्कुल सही गति से चल रहा है। इसके बाद सर्दी देर तक पड़ी। खास बात तो ये है कि अप्रैल का एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन अधितम तापमान भी कभी सामान्य से ऊपर जाता है तो फिर वापस लौट जाता है। न्यूनतम तापमान तो लगातार सामान्य से नीचे बना हुआ है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की जिला मौसम शाखा में रविवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो शनिवार को 35.2 डिग्री सेल्सियस था। न्यूनतम तापमान शनिवार को 13.7 डिग्री सेल्सियस था, जो रविवार को 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों की मानें तो तापमान का सामान्य से नीचे बने रहने से गेहूं का पकाव अपनी निर्धारित गति से हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अनुकूल तापमान बने रहने के कारण गेहूं का दाना मजबूत होगा और पैदावार बंपर हो सकती है। वैज्ञानिक ये भी बताते हैं कि अभी 12 अप्रैल तक मौसम खुश्क बना रह सकता है, हालांकि 11 अप्रैल को कुछ स्थानों पर आसमान पर बादलों की आवाजाही रह सकती है।
इन दिनों अनाज मंडियों में इक्का दुक्का किसान ही गेहूं लेकर पहुंच रहा है, जिसमें नमी अधिक है, इसलिए एजेंसियां उसे खरीद नहीं पा रही है। आगे दो चार दिनों में तापमान के बढ़ने की संभावना है, जिसके कारण नमी मानक के अनुरूप आ सकती है और मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ सकती है।