संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। फरीदपुर गांव निवासी किसान देशराज से साइबर ठग ने उनकी बेटी का दामाद बनकर दो लाख रुपये ठग लिए। उन्हें खाते में साढ़े 16 लाख रुपये भेजने का झांसा दिया गया था। फर्जी रसीद भेजी। इसके बाद उनसे रुपये मांगे गए तो उन्होंने धनराशि बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दी। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
देशराज ने बताया कि 18 दिसंबर, 2025 को उनके पास सुबह 10:30 बजे एक नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। दूसरी ओर से कहा गया कि वह कनाड़ा से प्रिंस (शिकायतकर्ता की बेटी दिव्या का देवर) बात कर रहा है। वह उनके खाता में साढ़े 16 लाख रुपये की राशि भेज रहा है। अकाउंट नंबर चाहिए। पुलिस के अनुसार देशराज ने अपना अकाउंट नंबर दे दिया। इसके बाद उनके व्हाटसएप पर साढ़े 16 लाख रुपये की बैंक की रसीद आई। इसके बाद किसी अन्य नंबर से कॉल आई। उन्हें कहा गया कि ये राशि उन्हें 19 दिसंबर को सुबह मिल जाएगी। इसके बाद आरोपी ने फिर कॉल करके कहा कि उसके एजेंट की माता बीमार है, इसलिए उन्हें अभी कुछ रुपये देने हैं।
आरोपी की बातों में आकर देशराज ने अपनी पत्नी उषा रानी के केनरा बैंक के खाते से आरोपी की ओर से दिए गए खाते में दो लाख रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से डलवा दी। उसके बाद 19 दिसंबर को सुबह 10 बजे इंटरनेशनल नंबर से कॉल आई और कहा गया कि नेटवर्क की दिक्कत है। इसलिए शाम तक इंतजार करो, रुपये खाते में आ जाएंगे। जब उनके खाते में ये रुपये नहीं आए तो शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी दिव्या से बात की और कहा कि उनके देवर प्रिंस ने उनसे दो लाख रुपये खाते में डलवाए हैं। शिकायतकर्ता के दामाद रमन चावला ने उस नंबर पर फोन किया, जिससे व्हाट्सएप कॉल की गई थी। दूसरी ओर से अभद्रता की गई।
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प्रिंस जैसी थी आवाज
शिकायतकर्ता देशराज ने बताया कि उनकी बेटी दिव्या के देवर दो साल से कनाड़ा में हैं। कॉल करने वाले की आवाज प्रिंस जैसी थी। इसलिए उन्होंने बिना किसी से पूछे ही उसके बताए खाते में दो लाख रुपये की राशि डलवा दी। दामाद रमन चावला ने ठग से बात की तो उन्हें भी लगा कि उनका भाई ही बात कर रहा है। दामाद ने आरोपी को कहा कि रुपये क्यों मंगवाए तो पहले तो आरोपी ने जरूरत होने की बात कही। जब बार-बार बोला गया तो गाली देने लगा।