फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: पोर्टल जाम, बस पास की फाइलें अटकीं और यात्री परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
- एक सप्ताह से नहीं चल रहा पोर्टल, प्रदेशभर में पास की हजारों फाइलें लंबित, विद्यार्थी और दैनिक यात्री खा रहे धक्के
विज्ञापन


- स्टाफ का ड्यूटी रोटेशन अपडेट न होने से बस संचालन में हो रही देरी, टिकटों का नकदी रिकाॅर्ड भी ऑफलाइन रखना पड़ रहा

गगन तलवार

करनाल। बसों की कमी के कारण रोडवेज की बसें पहले से ओवरलोड होकर चल रही हैं, लेकिन अब विभाग का पोर्टल ''एचआर ट्रांसपोर्ट'' भी ओवरलोड होने के कारण जाम हो गया है। ऐसे में इस पोर्टल से होने वाले कार्य बाधित हो गए हैं। जहां प्रदेशभर में हजारों बस पास की फाइलें अटकी हैं। वहीं, स्टाफ का ड्यूटी रोटेशन ऑनलाइन न होने से बस संचालन भी थोड़ा प्रभावित है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान कब तक होगा पता नहीं। लेकिन अधिकारी शीघ्र समाधान के दावे कर रहे हैं।

हालात यह हैं कि पिछले एक सप्ताह से विभाग का पोर्टल रुक-रुक कर चल रहा था। इस कारण बस पास की फाइलें भी अप्रूव नहीं हो पाई। वहीं कुछ यात्रियों के तो ऑनलाइन आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में बस पास से ही सफर करने वाले विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को रोजाना रोडवेज के पास कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। क्योंकि पोर्टल न चलने के कारण आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों के अनुसार, पोर्टल न चलने के कारण स्टाफ का ड्यूटी रोटेशन अपडेट नहीं हो पा रहा है। हालांकि मैनुअल रोटेशन बनाकर बस संचालन किया जा रहा है। लेकिन इससे कर्मचारियों की वास्तविक ड्यूटी घंटों की रिपोर्ट तैयार नहीं हो रही है। इसके अलावा रोजाना बसों में काटी जाने वाले टिकटों की नकदी का रिकाॅर्ड भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। ड्यूटी स्टाफ इसे भी ऑफलाइन तैयार कर रहा है। इससे जहां कर्मचारियों का वर्कलोड बढ़ा है। बसों के संचालन में देरी होने व पास न बनने के कारण यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। ब्यूरो
विज्ञापन




विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों की ज्यादा दिक्कत

नया शिक्षा सत्र शुरू हुए अभी डेढ़ माह ही बीता है। सरकारी स्कूलों के अलावा ऐसे कई स्कूल हैं, जिनकी ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी बस सेवा नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों के विद्यार्थी रोडवेज बस से ही स्कूल पहुंचते हैं। इनके बस पास की फाइलें भी अटकी हैं। इसके अलावा सामान्य पास के आवेदन भी नहीं हो पा रहे। प्रदेश भर में रोजाना सामान्य बस पास के औसतन 500 आवेदन आते हैं। करनाल रोडवेज के पास भी ऐसे पास के औसतन 30 आवेदन आते हैं। करनाल में रोडवेज बसों से रोजाना करीब पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थी सफर करते हैं।



दो माह तक रह सकती है दिक्कत

रोडवेज के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, रोडवेज के पोर्टल एचआर ट्रांसपोर्ट जब लॉन्च हुआ था तो उसका एक स्पेस निर्धारित किया गया था। इस पोर्टल पर प्रदेश के सभी जिलों से बस पास व अन्य कार्य होते हैं। पिछले कई वर्षों से सभी जिलों का पोर्टल पर रिकाॅर्ड दर्ज है। ऐसे में इसका स्पेस पूरा हो चुका है। यदि पोर्टल के स्पेस को भी बढ़ाया जाता है तो लाइसेंस अपडेट होने में करीब दो माह लग सकते हैं।
विज्ञापन




पोर्टल बंद होने से बस पास नहीं बन पा रहे। पोर्टल से संबंधित अन्य कार्यों को लेकर भी परेशानी आ रही है। इसके समाधान के लिए मुख्यालय से भी संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि पोर्टल की मेनटेनेंस चल रही है। जल्द दुरुस्त होने की उम्मीद है।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें