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दिवाली पर कैथल में 72 तो करनाल में 53 जगह लगी आग

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दीपावली की रात आतिशबाजी की आड़ में पराली जलाने का भी खूब खेल चला। कृषि विभाग की ओर से हरसेक सेटेलाइट से 374 एक्टिव फायर लोकेशन ट्रेस की गईं। इसमें कैथल 72 लोकेशन के साथ प्रदेश में पहले, फतेहाबाद 68 लोकेशन के साथ दूसरे और करनाल जिला 53 लोकेशन के साथ तीसरे स्थान पर रहा। 25 सिंतबर से 30 अक्तूबर तक प्रदेश में कुल 4211 लोकेशन पराली में आग लगाने की ट्रेस हुई हैं। दीपावली के बाद से बढ़े प्रदूषण लेवल का यह भी एक प्रमुख कारण है।
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आठ जिलों ने रखा पर्यावरण का ख्याल
दीपावली की रात चरखीदादरी, फरीदाबाद, झज्जर, महेन्द्रगढ़, नूंह, रोहतक, पंचकूला और रेवाड़ी में एक भी एक्टिव फायर लोकेशन ट्रेस नहीं हुई। भिवानी, गुरुग्राम और पानीपत में एक -एक और सोनीपत में दो लोकेशन ट्रेस हुई।
कैथल में सबसे ज्यादा और नूंह में अब तक शून्य रिपोर्ट
25 सितंबर से लेकर 30 अक्तूबर तक प्रदेश में कुल 4211 एक्टिव फायर लोकेशन ट्रेस हुई हैं। इनमें कैथल जिला 898 लोकेशन के साथ प्रदेश में पहले नंबर पर है जबकि करनाल 863 लोकेशन के साथ दूसरे और कुरुक्षेत्र 683 लोकेशन के साथ तीसरे स्थान पर है। जबकि नूंह में अब तक एक भी लोकेशन ट्रेस नहीं हुई। वहीं चरखीदादरी और महेन्द्रगढ़ में एक-एक लोकेशन ट्रेस हुई है।
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इस जिले में इतनी लोकेशन हुई ट्रेस
जिला कुल दिवाली की रात
कैथल 898 72
करनाल 863 53
कुरुक्षेत्र 683 39
फतेहाबाद 584 68
अंबाला 304 30
जींद 216 23
पलवल 187 19
सिरसा 187 31
यमुनानगर 180 31
हिसार 45 03
पंचकूला 18 00
सोनीपत 13 02
पानीपत 13 01
रोहतक 05 00
फरीदाबाद 04 00
झज्जर 03 00
गुरुग्राम 02 01
भिवानी 02 01
रेवाड़ी 02 01
चरखीदादरी 01 00
महेन्द्रगढ़ 01 00
नूंह 00 00
जिले में पराली जलाए जाने को लेकर सेटेलाइट के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी भी नजर रख रहे हैं। मिली लोकेशन को भी ट्रेस किया जा रहा है। अब तक 73 केस दर्ज हो चुके हैं। पटवारियों को हमने काफी लोकेशन दे दी हैं। ताकि पता चले कि इनके मालिक कौन हैं। किसानों से हमारी अपील है कि वे पराली न जलाएं। - आदित्य प्रताप डबास, डीडीए करनाल।
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