गांव चौरा में युवक शिवम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए गांव के ही सरपंच के समर्थन में कई राजनीतिक दल उतर आएं हैं।
वहीं, सरपंच के समर्थन में बीडीपीओ कार्यालय में घरौंडा सरपंच एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन में प्रवेश गया है। चौथे दिन प्रशासन की और से कोई अधिकारी अनशनकारियों की बात सुनने नहीं आया। बुधवार को हजकां ,इनेलो, भाकियू और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठे सरपंचाें को समर्थन दिया।
इस सरपंचाें ने कहा कि प्रशासन को वीरवार तक सरपंच को रिहा करने को कहा गया है, यदि ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बुधवार को भी बीडीपीओ कार्यालय पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। चौथे दिन हलका विधायक नरेंद्र सांगवान, हजकां नेता जयसिंह राणा, भाकियू नेता सुल्तान सिंह मौके पहुंचे और सरपंच एसोसिएशन को साथ देने का आश्वासन दिया। विधायक नरेंद्र सांगवान ने कहा कि गांव चौरा का सरपंच निर्दोष है।
उसे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने सरपंच को निर्दोष बताते हुए सरपंचों को आश्वासन दिया कि जो भी उनकी रणनीति होगी, उसमें इनेलो बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगी। दूसरे सभी राजनीतिक दलों ने भी सरपंचों का साथ देने की बात कही।
घरौंडा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह राणा ने कहा कि बुधवार को कई संगठनों ने एसोसिएशन का साथ देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वीरवार तक मामले पर पटाक्षेप करने का आश्वासन दिया है, अगर प्रशासन ने सरपंच राजेंद्र को रिहा नहीं किया तो तीन जनवरी को सभी संगठनों के साथ विचार विमर्श करने के बाद आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इससे पहले घरौंडा सरपंच एसोसिएशन ने करनाल के पुलिस अधीक्षक को सस्पेंड करने की मांग की और धरने देने का फैसला किया था। बुधवार को राष्ट्रीय दलित महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सतपाल सिंंह चौहान, नेकडोर सामाजिक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश टांग, ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच की स्टेट कॉर्डिनेटर मनीषा ने गांव चौरा में जाकर पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मांग की है कि परिवार को आर्थिक मदद के साथ साथ परिवार के किसी भी सदस्य को योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाए।