पुलिस अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते अशोक कुमार पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल। प्रवक्ता पु
घरौंडा। अपराधियों के हाईटेक तरीकों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा ले रही है। जांच प्रक्रिया को अधिक स्मार्ट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में करनाल पुलिस रेंज से इसकी शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत करनाल, पानीपत और कैथल जिलों के 30-30 जांच अधिकारियों को एआई तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
आईजी अशोक कुमार के अनुसार साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली वारदातों ने जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक संसाधनों से लैस करना जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि एआई के जरिए डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण संभव होगा, जिससे संदिग्धों तक पहुंचना आसान होगा। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में फेस रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग कर संदिग्धों की पहचान की जा सकेगी। फिंगरप्रिंट ट्रेसिंग और वॉयस मैचिंग जैसी आधुनिक तकनीकें भी जांच को सटीक और तेज बनाएंगी।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देश पर अब प्रदेश के सभी थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी चरणबद्ध तरीके से एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में विशेष कोर्स शुरू करने की तैयारी है।