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फिरौती के लिए अपहरण व हत्या में 20 साल बाद जागी पुलिस, एक लाख का इनाम

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करीब दो दशक पूर्व गांव कुंजपुरा में 12 वर्षीय छात्र प्रमोद की फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के मामले में करनाल रेंज के आईजी भारती अरोड़ा ने अपराधियों का सुराग देने पर एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। यह घोषणा एसआईटी द्वारा पुलिस अधीक्षक के माध्यम से आईजी भारती अरोड़ा से की गई सिफारिश के आधार पर की गई है।
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दो दशक पुराने इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद आईजी भारती अरोड़ा ने स्वयं की देखरेख में एक एसआईटी गठित की हुई है, जिसमें पानीपत के क्राइम डीएसपी राजेश फौगाट, समालखा थाना प्रभारी, पानीपत सीआईए वन प्रभारी व एएसआई हेमराज आदि शामिल हैं। एसआईटी पिछले करीब पांच माह से इस केस को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। बता दें कि 4 जनवरी 2001 को शाम करीब 6:30 बजे कुंजपुरा वासी महेंद्र कंबोज का 12 वर्षीय लड़का कक्षा 7 वीं का छात्र प्रमोद घर के पास ट्रैक्टर वर्कशॉप के बाहर बैठा हुआ था। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया। बाद में कोऑपरेटिव सोसाइटी के कार्यालय के लैंडलाइन फोन पर कॉल कर 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई, जिस पर 8 जनवरी को कुंजपुरा थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया। इसके करीब 2 माह बाद 15 मार्च को मुगल माजरा के निकट सुनसान जगह एक पुलिया के नीचे अस्थि पंजर के रूप में प्रमोद का शव बरामद हुआ। इसके बाद मामले में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई। छात्र के पिता महेंद्र ने इस केस में कुछ संदिग्ध लोगों पर शक जाहिर किया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीआईए को सौंपते हुए एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी की पूछताछ में जब कोई सुराग नहीं चला तो पुलिस ने कोर्ट एवं उच्चाधिकारियों को अनट्रेस की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। पुलिस जांच से असंतुष्ट एवं निराश महेंद्र कंबोज ने बेटे को न्याय और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए दर-दर गुहार लगाई, लेकिन मामले की जांच काफी दिनों तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। न्याय की आस लिये महेंद्र कांबोज ने हाईकोर्ट की शरण ली और सीबीआई जांच करवाने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने करीब 5 माह पूर्व मामले की जांच आईजी से करवाने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने एसआईटी गठित की। आईजी स्वयं भी मामले में निगरानी रख रही हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत अब एसआईटी की सिफारिश पर आईजी भारती अरोड़ा ने अपराधियों का सुराग देने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
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