करनाल। राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने कहा कि किसानों को एग्री-स्टैक के जरिये आईडी बनवाना आवश्यक है। इसके लिए जिला प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रयास करें, ताकि किसानों को समय पर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आईडी के सम्मान निधि का लाभ रुक जाएगा। इसे लेकर एसीएस सुमिता ने बुधवार को वीसी के जरिये प्रदेश के उपायुक्तों के साथ समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में ज्यादा से ज्यादा किसानों को आईडी बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या बनाना है, जो आधार से जुड़ी होगी। किसानों को उनकी भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुंच प्रदान करना, जिससे ऋण और बीमा प्रक्रिया आसान होगी। किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। डीसी विश्राम कुमार ने वीसी में बताया कि जिले में अब तक 40 हजार किसान आईडी बनवा चुके हैं और करीब एक लाख किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान गांव में कॉमन सर्विस सेंटर, अटल सेवा केंद्र पर जाकर किसान आईडी बनवा सकता है। इस अवसर पर एसडीएम प्रदीप कुमार, डीडीए डा. वजीर सिंह मौजूद रहे।