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Karnal News: खिलाड़ियों को आठ माह से नहीं मिला खुराक भत्ता

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- खिलाड़ियों ने नर्सरियों में किया अभ्यास किया, बैंक खाते भी खुलवा लिए
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सुखदेव चौहान

करनाल। प्रदेशभर में खेलों को बढ़ावा देने व खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की ओर से खुराक भत्ता शुरू किया गया था। खिलाड़ियों ने नर्सरियों में अभ्यास किया, अपने बैंक खाता खुलवाए, नर्सरी में हाजिरी भी लगी मगर आठ माह से खुराक भत्ता नहीं मिला है।

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021 में खेल नर्सरी योजना लागू की थी। योजना के तहत एक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों का चयन करने के बाद उन्हें खुराक भत्ता दिया जाता है ताकि खेलों के बाद खिलाड़ी अच्छा पोषण ले सके। जिले में सरकारी खेल नर्सरी अप्रैल और प्राइवेट नर्सरी जून महीने से संचालित की जा रही हैं। खिलाड़ियों को अभी तक प्रोत्साहन राशि न देना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अभिभावक प्रदीप, सुनील कांबोज, राकेश, पवन राणा, विजय, इंद्रमल का कहना है कि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को विभाग शायद जबरदस्ती खींच रहा है।
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खिलाड़ी हर्ष लाठर ने बताया कि दो साल पहले उनका कर्ण स्टेडियम में कबड्डी की खेल नर्सरी में चयन हुआ। छह महीने तक सुबह और शाम को कड़ा अभ्यास भी किया लेकिन डाइट मनी के रुपये उनके खाते में नहीं आए। एयरपोर्ट रोड कृष्णा कॉलोनी निवासी छात्र के जब पढ़ाई में अंक प्रतिशत कम रहा तो चिंतित अभिभावकों ने बीच में ही उनका खेल छुड़वा दिया। नर्सरी में जाने के लिए उन्होंने अपने बेटे को नया साइकिल लेकर दिया ताकि उनके अभ्यास में कोई कमी न रहे। लेकिन कक्षा में आयोजित मासिक टेस्ट में अंक प्रतिशत कम होने पर अति चिंतित अभिभावकों ने बच्चे को खेल गतिविधियों से दूर कर दिया।
खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास भी कर रहे हैं, उनका खाता भी खुला है। लेकिन अभी भी जिले में 1950 खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि का इंतजार है। मौजूदा समय में जिले में 78 खेल नर्सरी संचालित की जा रही है, जिसमें 29 सरकारी और 49 प्राइवेट नर्सरी शामिल हैं। आठ से 14 वर्ष के लिए 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये दिए जाते हैं।
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इस सत्र की खेल नर्सरी जब से शुरू हुई है, तभी से खिलाड़ियों को खुराक भत्ता नहीं मिला है। खुराक भत्ता खिलाड़ियों के खाते में मुख्यालय द्वारा सीधे डाला जाता है। प्रशिक्षकों द्वारा हर माह खिलाड़ियों की हाजिरी भेजी जा रही है। सभी नर्सरियों की हाजिरी रिपोर्ट हर माह मुख्यालय में भी भेजी जा रही है।

- सुधा भसीन, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, करनाल
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