संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्णनगरी के खिलाड़ियों को इन दिनों स्टेडियम में मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। स्टेडियम में स्मार्ट सिटी के तहत कई प्रोजेक्ट निर्माणधीन हैं। तय समय पर कार्य पूरा न होने से खिलाड़ी इधर-उधर अभ्यास करने को मजबूर है। जो कार्य अगस्त 2023 तके पूरे किए जाने थे वह 14 महीने बाद भी लटके हैं।
कर्ण स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह समय पर नहीं मिल रही। जिस कारण उन्हें अभ्यास करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुविधाएं न मिलने से उन्हें खुले आसमान के नीचे अभ्यास करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन कार्यों की वजह से खेल विभाग के कार्यालय का सीवरेज जाम हो चुका है।
खिलाड़ियों को शौचालयों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कर्ण स्टेडियम में देरी से हो रहा यह कार्य खिलाड़ियों के भविष्य पर भारी पड़ रहा है। कर्ण स्टेडियम में 36 करोड़ रपये की लागत से खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल, एडमिन भवन, मल्टीपर्पज हॉल, क्लाइंबिंग वाल, स्टेज व जिम्नास्टिक भवन का निर्माण करवाया जा रहा है।
यह निर्माण कार्य अगस्त 2022 में शुरू हुए थे। दावा किया गया था कि इन्हें तय समय पर अगस्त 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन करीब 12 महीने अतिरिक्त होने के बावजूद भी यह कार्य आज तक अधूरे पड़े हैं। स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों को दावा है कि 80 प्रतिशत वर्क पूरा कर लिया है। 20 प्रतिशत कार्य ही पेंडिंग है। उन्हें भी तेजी से पूरा कर लिया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट हैं निर्माणाधीन
हॉस्टल भवन : ग्राउंड, प्रथम और द्वितीय फ्लोर।
एडमिन ब्लॉक : ग्राउंड फ्लोर।
मल्टीपर्पज हॉल : ग्राउंड, प्रथम और द्वितीय फ्लोर।
क्लाइंबिंग वॉल : स्पीडवॉल, लीडवॉल व बोलड्रिंग वाॅल।
दर्शक दीर्घा के लिए स्टेज।
जिम्नास्टिक भवन : ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग, प्रथम व द्वितीय तल पर फैंसिंग, तृतीय और चतुर्थ तल पर जिम्नास्टिक।
ये बताएं कार्य के देरी से होने के कारण
- विभाग द्वारा निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी को समय पर ड्राइंग उपलब्ध न करवाना।
- पुरानी भवन को समय पर न तोड़ना।
- तय समय पर खाली भूमि न होना।
- धीमी गति से कार्य करना।
कर्ण स्टेडियम में कई कार्य स्मार्ट सिटी द्वारा करवाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को निर्माण कार्य के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन कार्य के चलते उनके कार्यालय का शौचालय भी कई महीनों से चोक है। स्मार्ट सिटी को तय समय रहते पूरा करने चाहिए थे लेकिन अभी भी स्टेडियम में कार्य लंबित है। - सुधा भसीन, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, करनाल।