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Karnal News: गलियाें, सड़कों पर मलबे के ढेर, निगम को सफाई के लिए नहीं मिल रही एजेंसी

Mon, 23 Mar 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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.sector 12 में पढ़ा मलबे का ढ़ेर संवाद
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करनाल।
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शहर की इमारतों में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे यानी सीएंडडी वेस्ट के ढेर अब सिर्फ गंदगी नहीं बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल बनकर उभर रहे हैं। करीब दो करोड़ रुपये का बजट निर्धारित होने के बावजूद शहर के प्रमुख इलाकों से लेकर गलियों तक में मलबा पड़ा है। समस्या ये है कि मलबे के निस्तारण की निगम स्तर पर व्यवस्था नहीं है। टेंडर किया गया लेकिन कोई एजेंसी सामने नहीं आई।
पिछले कई महीनों से नगर निगम के अधिकारी सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण की योजना बनाने का दावा कर रहे हैं। दो करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है लेकिन बार-बार टेंडर के बावजूद कोई एजेंसी सामने नहीं आ रही। अब निगम एजेंसियों का चयन करने के लिए 55 लाख रुपये से आरएफपी यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार कराएगा। पहले एजेंसी तय करने के लिए अलग से खर्च होगा। इसके बाद एजेंसी पर खर्च होगा और प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकेगा।
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स्वच्छता रैंकिंग को लग सकता है झटका
स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। स्वच्छता के मामले में देश में तीसरा स्थान लेने वाले निगम के आसपास ही मलबे के ढेर लगे हुए हैं। इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग को बड़ा झटका लग सकता है। स्वच्छ सर्वेक्षण की पिछले सप्ताह बैठक में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था। बैठक में कुछ अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि शहर में सीएंडडी वेस्ट की मात्रा ज्यादा नहीं है। इसी वजह से कोई भी एजेंसी इस टेंडर को लेने में रुचि नहीं दिखा रही। जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। मलबा सड़कों के किनारे, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थलों पर डंप किया जा रहा है।



क्रशर मशीन से बनाया जाएगा चूरा
नगर निगम की ओर से अब स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान अस्थायी समाधान के तौर पर क्रशर मशीन लगाने की बात की जा रही है। इस मशीन के जरिए मलबे को तोड़कर उसका दोबारा उपयोग किए जाने लायक बनाया जाएगा। इसे लेकर निगम अधिकारी कई एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं कि शहर में जितना भी सीएंडडी वेस्ट है उसे क्रश कर उसका चूरा बना दिया जाए। ताकि उसे दोबारा उपयोग लायक बनाया जा सके। हालांकि सर्वेक्षण के दौरान ये विकल्प केवल तात्कालिक राहत ही दे पाएगा। दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि अगर आरएफपी प्रक्रिया से एजेंसी का चयन होता है तो आने वाले समय में शहर में सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण के लिए एक व्यवस्थित और स्थायी ढांचा तैयार किया जा सकेगा।
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शहर की स्वच्छता के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सीएंडडी वेस्ट के लिए हर उचित प्रबंध किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। जल्द से जल्द इसका समाधान होगा। -रेणु बाला गुप्ता, मेयर
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