करनाल। नगर निगम की ओर से संचालित फूसगढ़ स्थित गोशाला में गाय व नंदियों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। यहां अब और अधिक गाय व नंदी नहीं रखे जा सकते। इसलिए यहां से गायों व नंदियों को अब निसिंग गोशाला भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शुक्रवार को निगम कार्यालय में बैठक करके निगमायुक्त ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
शहर को भटकते पशुओं से मुक्त करने के लिए नगर निगम गंभीर नजर आने लगा है। शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में बैठक की गई। पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने सुझाव दिया कि निसिंग में एक गोशाला में 300 से 400 गाय व नंदियों को रखा जा सकता है। निगमायुक्त ने उप निगमायुक्त एवं मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि गोशाला संचालकों से बात कर गाय व नंदियों को वहां भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी जाए।
ग्राम पंचायतों में मौजूद गोशाला संचालकों से बात की जाए, ताकि वहां भी कुछ पशु भेजे जा सकें। निगमायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि इस कार्य की समय रेखा तय कर तेजी के साथ किया जाए, ताकि नागरिकों को पशुओं से निजात दिलाई जा सके। इससे यातायात एवं सफाई व्यवस्था बनाए रखने में भी आसानी होगी और अपना शहर स्वच्छ एवं सुंदर बनेगा। बैठक में जिला जेल अधीक्षक अमित कुमार, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. रूपेंद्र, गोसेवा आयोग के सदस्य विरेंद्र शर्मा व आदित्य अग्रवाल के अतिरिक्त नगर निगम के उप निगमायुक्त अशोक कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा आदि मौजूद रहे।
जेल परिसर में गोशाला तैयार
जेल अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिला जेल में नई गोशाला बनकर तैयार हो गई है। इसके संचालन के लिए गोशाला आयोग की ओर से एक संचालन कमेटी का गठन किया जाना है। निगमायुक्त ने बैठक में मौजूद गोसेवा आयोग के सदस्यों से कहा कि जल्द से जल्द संचालन कमेटी का गठन करवाया जाए, ताकि शहर में सड़कों पर भटकते पशुओं को वहां भेजा जा सके।