कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल के प्रयासों से आखिरकार कलायत लिंक रोड का काम शुरू हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवरेज लाइन बिठा दी है। अब सिर्फ मेनहोल का काम बाकी है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। मेनहोल के रुके काम से सड़क निर्माण की गति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस सड़क पर हाईवे की तरफ से 200 मीटर तक डिवाइडर होगा। आगे 10 मीटर चौड़ी सड़क बिना डिवाइडर के बनेगी। सांसद नवीन जिंदल के निजी सचिव संदीप सांगवान और हलका प्रभारी महेंद्र सिंह पूनिया ने बताया कि कल बुधवार को लोक निर्माण विभाग ने काम शुरू कर दिया है।
सांसद जिंदल के प्रयासों से करीब 2650 मीटर लंबी कलायत लिंक रोड के निर्माण के लिए सरकार ने 4 करोड़ 38 लाख 27 हजार 270 रुपये की स्वीकृति जारी की है। करीब तीन साल से बदहाल इस सड़क के निर्माण का ठेका नरवाना के कृष्णलाल की कंपनी को दिया गया है। ठेकेदार कंपनी ने सबसे पहले खुदाई कर सड़क की लेवलिंग का काम शुरू किया है।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुभाष ढांडा ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने जो सीवरेज लाइन बिछाई है वह करीब 20 फुट गहरी है। इसे दुरुस्त करने और सड़क को टिकाऊ बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी को करीब आधा मीटर मिट्टी आदि की भराई करनी होगी। इसके बाद सड़क पर चार लेयर में तीन-तीन इंच पत्थर डाले जाएंगे।
पत्थर डाले जाने के बाद दो इंच मोटी तालकोल की लेयर डाली जाएगी। इसके बाद पौना इंच तारकोल की एक ओर लेयर डालकर सड़क को सुंदर और टिकाऊ बनाया जाएगा। ढांडा ने बताया कि वाहनों के आवागमन को सुगम बनाने के मकसद से सड़क का डिजाइन थोड़ा बहुत बदला गया है।
अब हाईवे की तरफ से 200 मीटर तक डिवाइडर होगी और दोनों तरफ की सड़क 7-7 मीटर चौड़ी होगी। इसके बाद 2400 मीटर लंबाई तक सड़क 10 मीटर चौड़ी होगी। नाले व अन्य बची हुई जगहों को पेवर ब्लॉक से भरा जाएगा ताकि कोई हादसा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना के तैयार होने में ढाई से तीन माह का समय लग सकता है।
सीवरेज डालने का काम पूरा
जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक खंडूजा ने बताया कि सीवरेज लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। अब मेनहोल का काम बाकी है। बाहर से उपकरण मंगाए गए हैं। इनके आते ही दो-तीन दिन में मेनहोल का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मेनहोल की वजह से सड़क निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी। 10 अक्तूबर और 26 अक्तूबर को अधिकारियों से बात कर सांसद जिंदल ने साफ-साफ कहा था कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराएं। इस सड़क को कलायत की जीवन रेखा भी कहा जाता है क्योंकि यहां का सारा व्यवसाय इसी सड़क पर टिका हुआ है और यह रेलवे स्टेशन से नेशनल हाईवे को जोड़ता है।