माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि इंटरनेट ने अंग्रेजी भाषा में पढ़ने वाले लोगों को बढ़ावा दिया है परंतु इसकी भाषा का स्तर गिरा हैं। भाषा को परिनिष्ठित बनाने के लिए हमें अधिक से अधिक लिखना होगा। भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए भाषा की शुद्धता अनिवार्य है और सोशल मीडिया पर शुद्धता का अभाव है।
वे गुरु नानक खालसा कॉलेज में अंग्रेजी विभाग की ओर बौद्धिक संपदा अधिकार और सोशल मीडिया का अंग्रेजी भाषा पर प्रभाव विषय पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। आईसीसीएसएसआर कीओर से प्रायोजित एवं उच्चत्तर शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र पाल सिंह ने शिरकत की। अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. शशि मदान ने की। संगोष्ठी में अनेक विद्वानों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन जुड़कर अपने विचार रखे। गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार के अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं डीन डॉ. एमआर वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया द्वारा जो अंग्रेजी भाषा का प्रयोग है उसमें अनेक त्रुटियां हैं। हमें भाषा पर ध्यान देना चाहिए। प्रो राशि मदान ने कॉलेज की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
कॉलेज प्रबंधन समिति के महासचिव सुरिन्द्र पाल सिंह पसरीचा ने विशेष रूप से शिरकत की। संचालन डॉ. देवी भूषण, डॉ. दीपक और प्रो राबिया विर्क ने किया। इस दौरान ईरान से डॉ. सौगंध अकबेरियन, पूर्व प्राचार्य प्रो. एसएस बरगोटा, डॉ. ऋतु शर्मा, प्रिंसिपल सुभाष शर्मा, डॉ. अनीता जून, डॉ. राकेश संधु मौजूद रहे।