फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: सेक्टर-1 में आवंटित 537 में से 450 प्लॉट लोगों ने लौटाए

विज्ञापन
विज्ञापन
जितेंद्र नरवाल
विज्ञापन

करनाल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का तरावड़ी में सेक्टर-1 दस साल बाद भी विकसित नहीं हो पाया है। हरियाणा में जीटी रोड बेल्ट का ये इकलौता ऐसा सेक्टर है जहां लोग प्लॉट खरीदना नहीं चाहते। जिन लोगों को ड्रॉ के माध्यम से प्लॉट बांटे गए, उनमें से 83 प्रतिशत ने सरेंडर कर दिए हैं। दो बार ऑनलाइन नीलामी करवाई गई लेकिन किसी खरीदार ने संपर्क नहीं किया।
कॉलोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलरों ने भी सेक्टर-1 से दूरी बनाए रखी। 17 प्रतिशत लोगों ने प्लॉट रखे हैं लेकिन इनमें से घर किसी ने भी नहीं बनाया। जमीन न लेने के पीछे लोगों के कई तर्क हैं। इनमें से कुछ वाजिब भी हैं। कुछ ने यहां के रेट बाकी शहरी सेक्टरों की तुलना में काफी ज्यादा बताए। ज्यादातर लोगों ने यहां प्रदूषण स्तर ज्यादा होने की वजह से प्लॉट वापस कर दिए। तरावड़ी सेक्टर के आसपास काफी संख्या में राइस मिल हैं। लोगों का मानना है कि राइस मिल से उड़ने वाली राख और धुएं की वजह से लोग वहां आकर बसना नहीं चाहते।
विज्ञापन


हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2010 में तरावड़ी में सेक्टर काटने की योजना बनाई गई थी। योजना को सिरे चढ़ने में करीब पांच साल लगे। 2014-15 में पहली बार यहां करीब 791 प्लॉट का ड्रॉ निकाला गया। 617 आवेदकों में से केवल 537 योग्य दावेदार मिले। प्लॉट अलॉट किए गए। कुछ ही समय बाद 450 ने प्लॉट सरेंडर कर दिए। ऑनलाइन नीलामी में भी कोई प्लॉट नहीं बिका।

लुभाने के लिए बनवाई 75 फीट चौड़ी सड़क
तरावड़ी सेक्टर-1 में खरीदारों को लुभाने के लिए एचएसवीपी की ओर से यहां करीब 75 फीट चौड़ी सड़क बनाई जा रही है। ये सड़क सेक्टर को सीधे जीटी रोड से जोड़ेगी। करीब 1.11 किमी लंबी सड़क का प्रारंभिक चरण 37 मीटर का है। इसे आगे 75 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। काम शुरू हो चुका है।
गरीबों के लिए वाजिब रेट में ड्रॉ करे सरकार

सेक्टर-6 में संपत्ति सलाहकार एवं आरडब्ल्यूए प्रधान सतीश गोयल ने बताया कि सेक्टर-1 में आबादी नहीं थी। अब कुछ रिहायशी सोसायटी आ चुकी हैं। आबादी बढ़ रही है। सरकार को सेक्टर-1 के प्लाॅट जरूरतमंद लोगों को ड्रॉ के हिसाब से वितरित कर देने चाहिए। जरूरतमंद लोग वाजिब रेट में प्लॉट खरीद कर अपना आशियाना बना सकें। इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा और जरूरतमंदों को घर मिल पाएगा।
विज्ञापन



वर्जन-
जिले के सभी सेक्टरों के खाली प्लॉटों की स्थिति के बारे में मुख्यालय अवगत कराया जा चुका है। मुख्यालय की ओर से ही खाली प्लॉटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अनुमान है कि इस वर्ष कई सेक्टरों के खाली प्लॉटों की एचएसवीपी की ओर से नीलामी की जाए। -अदिति, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें