माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम में संपत्ति कर की त्रुटि ठीक करवाने के लिए अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे। निगम आयुक्त ने ये निर्देश जारी किए हैं। बीते दिसंबर में संपत्ति कर के 115 बकायेदारों को नोटिस जारी किए गए। जनवरी में निगम इन पर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
निगम आयुक्त का कहना है कि अगर बकायादारों ने जल्द से जल्द संपत्ति कर अदा नहीं किया तो इसी माह अटैचमेंट की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अगर कोई संपत्ति धारक प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम के खजाने में जमा नहीं करवाता, तो उसकी संपत्ति कर पर 18 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज लगाया जाएगा। संपत्ति कर भरने के लिए नागरिक एनडीसी पोर्टल property.ulbharyana.gov.in का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 20 करोड़ 35 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स व फायर टैक्स जमा हुआ है। इसमें 19 करोड़ 13 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स और 1 करोड़ 22 लाख रुपये फायर टैक्स है।
10 लाख से ज्यादा के 50 बकायेदार
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि करीब 50 ऐसे बकायेदार हैं, जिन पर 10 लाख से ऊपर का बकाया है। शेष 50 हजार से 10 लाख रुपये तक के बकायेदार हैं। नोटिस जारी करने के 30 दिनों के भीतर संपत्ति कर अदा नहीं करते, तो इनकी संपत्तियों को अटैचमेंट करने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से की जाएगी। 10 लाख से ऊपर के बकाया वाले संपत्ति धारक शहर के विभिन्न क्षेत्रों से हैं। शेष सैनी कॉलोनी, सेक्टर-13 एक्सटेंशन, सेक्टर-37 व सेक्टर-9 से हैं।
दिसंबर में दो बार की गई कार्रवाई
नगर निगम के प्रवर्तन दल की ओर से दिसंबर में दो बार अटैचमेंट की कार्रवाई करते हुए बकायेदारों की संपत्तियों को सील किया गया है। इससे पहले भी पांच बार अटैचमेंट की कार्रवाई की गई है।