करनाल। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के दो मुख्य अभियंताओं ने अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की व काछवा के एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का भ्रमण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों से टैंकरों के माध्यम से खाली की गई कुई की गंदगी साथ लगते एसटीपी में ही डाला जाए।
यदि कोई टैंकर चालक खुले में मल का निस्तारण करता हुआ पाया जाए तो जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रायः देखने में आया है कि टैंकर चालक एनजीटी के नियमों की अवहेलना कर टैंकर से मल का खुले में निस्तारण कर रहे हैं। ऐसे में वातावरण तो दूषित होता ही है। वहीं इस क्षेत्र की हरियाली भी नष्ट हो जाती है।
मुख्य अभियंता राजीव व सलिंद्र ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व जल जीवन मिशन की टीम के साथ बैठक की। मौके पर ईआइसी डॉ. प्रदीप दहिया भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी मौजूद अधिकारियों से अभी तक जिला में हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट ली और उन्हें लंबित कार्यों को पूर्ण करने में तेजी लाने के आदेश भी दिए। संवाद