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Karnal News: पटवारियों ने दूसरे सर्कल के  छोड़े काम, बढ़ीं परेशानियां

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। भ्रष्टाचार में संलिप्तता के आरोपों के बाद पटवारियों ने अतिरिक्त हलकों का काम बंद कर दिया है। अब पटवारी केवल अपने ही हलके का काम कर रहे हैं। इस कारण दो दिन में ही तहसील और पटवारखानों में 10 हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र, इंतकाल, पैमाइश, मौका रिपोर्ट और पोर्टल से जुड़े काम लंबित हो चुके हैं।
जिले की आठ तहसीलों की बात करें तो शहर समेत करीब 495 गांवों के रकबे, प्रमाणपत्र इत्यादि के काम के लिए यहां करीब 150 पटवारियों की आवश्यकता है। जबकि ये काम मौजूदा करीब 57 पटवारियों को अतिरिक्त कार्यभार देकर कराया जा रहा है। यानी एक पटवारी पर औसतन उसके मूल हलके के अलावा तीन से चार अतिरिक्त हलकों का अतिरिक्त कार्यभार है।
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मंगलवार को तहसील और पटवारखानों में कुछ पटवारी तो काम करते नजर आए मगर कुछ के दफ्तरों पर ताले लगे दिखाई दिए। कुछ ने काले बिल्ले लगाकर काम किया तो कुछ बगैर काले बिल्ले के काम करते रहे। जिले भर के लोग अपने कामों के लिए पटवारखानों में चक्कर काटते नजर आए। कुछ पटवारियों का कहना था कि वे कोर्ट केस के चलते बाहर हैं तो कुछ ने बताया कि वे मौका रिपोर्ट पर गए हैं।
जिले में आठ तहसीलों करनाल, असंध, बल्ला, घरौंडा, इंद्री, निगदू और नीलोखेड़ी में 57 पटवारी और 17 कानूनगो हैं। जबकि अकेले करनाल तहसील की बात करें तो यहां 15 पटवारी और छह कानूनगो हैं। जिले के 57 पटवारियों में से सात के नाम भ्रष्टाचार की कथित सूची में शामिल हैं। इन पर लोगों की जमीनों की तकसीम, पैमाइश करवाने, इंतकाल दर्ज करवाने, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और नक्शा बनवाने जैसे कामों के लिए पैसे लेने के आरोप लगे हैं।
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यहां तक कि रिकॉर्ड देखने तक के नाम पर रिश्वत देने की बातें सामने आई हैं। जिसके बाद से पटवारियों में गुस्सा है। एक दिन पहले पटवारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। ि
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