माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद प्रदेश सरकार से नाराज चल रहे पटवारियों से बात नहीं की। अब इन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
अब पटवारियों की ओर से छोड़ा गया अतिरिक्त हलकों का काम भी संभालने का फैसला है। इसके साथ ही गिरदावरी का काम भी शुरू कर दिया गया है। हालांकि काफी दिनों से पटवारियों की नाराजगी से अब तक जिले की तहसीलों और पटवारखानों में करीब 35 हजार फाइलें लंबित हो चुकी हैं। राहत ये है कि अब इन पर काम हो सकेगा।
हालांकि फिलहाल मौजूदा पटवारी ट्रेनी पर आए नवनियुक्त पटवारियों के साथ जिले के खेतों में जाकर फसलों की गिरदावरी का काम कर रहे हैं। इससे उनका काम तो आसान हो गया है, लेकिन जमीन जायदाद से जुड़े लंबित मामलों की संख्या बढ़ गई है। दूसरी ओर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान पदम सिंह का कहना है कि अब तक सरकार ने उनके साथ बातचीत नहीं की है। अगर सरकार किसी पटवारी के साथ कुछ गलत करती है तो प्रदेश संगठन के आदेश पर धरना प्रदर्शन संबंधित आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की ओर से जारी भ्रष्ट पटवारियों की सूची के बाद से प्रदेश भर के पटवारियों में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन है। पिछले दो सप्ताह तक पटवारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर रोष प्रदर्शन भी किया, लेकिन काम भी जारी रखा। इसके बाद पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का काम छोड़ दिया। इससे रोजाना करीब पांच हजार फाइलें लंबित होने लगी।
इनमें रिहायशी से लेकर जाति प्रमाण पत्रों, इंतकाल, जमाबंदी, पैमाइश आदि के काम भी शामिल रहे। सरकार ने जब पटवारियों की नहीं सुनी तो पटवारी अब खुद ही काम पर लौट आए हैं।