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Karnal News: डॉक्टरों की हड़ताल से इलाज के लिए भटके मरीज

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- नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी तक रही बंद, 29 को ओपीडी सहित आपातकालीन सेवाएं की जाएगी बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण बुधवार को जिले के नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में इलाज के लिए पहुंचे मरीज भटकते नजर आए। कई मरीज तो हड़ताल स्थल पर ही पहुंच गए और डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी एक न सुनी। हालांकि अस्पताल में दंत, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, चर्म रोग व फिजियोथैरिपी की ओपीडी जारी रही। जिसमें मात्र 120 मरीज ही पहुंचे।
बता दें कि हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन ने नौ दिसंबर को प्रदेशभर के सभी सरकारी अस्पतालों सहित सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी दो घंटे के लिए बंद की थी। उसके बाद एसोसिएशन की राज्य कोर कमेटी ने अपनी मांगों के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा था। उसके बावजूद सरकार ने न तो एसोसिएशन को वार्ता के लिए बुलाया न काेई प्रतिक्रिया दी। जिसके बाद प्रदेशभर के डॉक्टरों ने 20 से 26 दिसंबर तक विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर ओपीडी को संभाला, लेकिन उसके बावजूद सरकार ने मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया हालांकि 26 दिसंबर की देर शाम डीजी हेल्थ के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसोसिएशन को संदेश पहुंचाया कि वे 27 दिसंबर को वार्ता करेंगे, लेकिन 27 दिसंबर को वार्ता के लिए डॉक्टरों को नहीं बुलाया गया है। ऐसे में डॉक्टरों में स्वास्थ्य विभाग व मंत्री के खिलाफ रोष है। अब 29 दिसंबर को ओपीडी सहित आपातकालीन सेवाएं भी पूर्ण रूप से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी।
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बिना दवाई वापस लौटे
इंद्री निवासी बलबीर सिंह व समौरा निवासी रीटा ने बताया कि कई दिन से बुखार व जुकाम की दिक्कत थी। सोचा था कि नागरिक अस्पताल से दवाई लेकर ठीक हो जाएंगे, लेकिन यहां देखा तो डॉक्टर ही नहीं हैं। जिस कारण बिना दवाई के ही वापस जाना पड़ रहा है।
पंजीकरण केंद्र पर नहीं था कर्मचारी
निसिंग। सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी पूर्णत: बंद रही। इस दौरान मरीजों का अस्पताल में तांता लगा रहा। पंजीकरण केंद्र पर कोई भी कर्मचारी बैठा नहीं मिला। मरीज राह देखकर अपने घर वापस चले गए। संवाद
इलाज कराने पहुंचे 120 मरीज
कुंजपुरा। सीएचसी कुंजपुरा में बुधवार को ओपीडी पूर्ण रूप से बंद रही। पंजीकरण केंद्र पर खिड़की बंद होने के कारण अस्पताल में आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। सीएचसी की ओपीडी में बुधवार को करीब 120 मरीज पहुंचे, लेकिन ओपीडी बंद होने से मरीजों को वापस जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। संवाद
रोजाना होती है 400 ओपीडी
घरौंडा। सीएचसी में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी बंद रही। मरीजों का कहना है कि वे जांच कराने आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण कोई डॉक्टर नहीं मिला, न ही दवाई मिल पाई। जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि सीएचसी में प्रतिदिन 400 से ज्यादा ओपीडी होती है। संवाद
इलाज मिला न दवा
तरावड़ी। तरावड़ी सीएचसी में भी मरीज दवाई लेने के लिए भटकते नजर आए। गांव पधाना से सोमनाथ ने बताया कि वह सुबह दिहाड़ी छोड़कर दवाई लेने आया था, लेकिन उसे न तो इलाज मिला न ही दवा मिल पाई। रामकिशन ने बताया बच्चे का खून टेस्ट करवाना था जिसकी रिपोर्ट स्कूल में देनी थी, लेकिन लैब बंद है कोई जांच नहीं कर रहा। मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ेगी। संवाद
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ये हैं प्रमुख मांगें

डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। डॉक्टरों के लिए पीजी कोटा। विशेषज्ञ के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
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