वर्दी और कानून ही पुलिस की जाति और धर्म है। आदर्श पुलिस के लिए जरूरी है कि वह कानून में बताई गई बातों को निडर होकर निष्पक्षता से लागू करे। अपने कर्म पर पूर्ण अधिकार रखते हुए ही पुलिस बुराईयों पर विजय प्राप्त कर सकती है। यह बातें हरियाणा सरकार के गृह सचिव रामनिवास ने हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के दीक्षांत परेड स्थल पर कही। वे 2119 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के विधिवत रूप से हरियाणा पुलिस में शामिल होने के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर पुलिसकर्मियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर एसपीओ ने शानदार परेड के साथ सलामी देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
रामनिवास ने कहा कि पूर्व सैनिक के रूप में आप सभी ने सीमा पर देश की रक्षा की है। एसपीओ के रूप में हरियाणा पुलिस का हिस्सा बनकर अब आप समाज की सेवा कर सकेंगे। पुलिस के सामने कठिन चुनौतियां हैं। पुलिस सरकार का सबसे अधिक दिखाई देने वाला चेहरा है। एक सिपाही को जब वर्दी पहने देखते हैं तो पता चलता है कि सरकार है। सिपाही पुलिस का आधार है। इसलिए सिपाही का आचरण अनुकरणीय होना चाहिए। पुलिस का गठन अंग्रेजों ने अपनी व्यवस्था कायम रखने के लिए किया था। औपनिवेशिक व्यवस्था में पुलिस की जिम्मेदार केवल सरकार के प्रति होती थी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस के प्रत्येक कार्य पर नागरिकों, मीडिया, न्यायालय की नजर होती है। पुलिस का लक्ष्य नागरिकों की सेवा करना है। एक आदर्श पुलिस के गुणों पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता, निष्पक्षता, मिलसारिता, शिष्टाचार, निडरता और अनुशासन के गुण को आत्मसात करने से पुलिस समाज में अपने लिये विश्वास और सम्मान हासिल कर सकेगी।
इससे पूर्व हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के निदेशक और डीजी केके सिंधु ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा एसपीओ को प्रदान किए गए प्रशिक्षण की जानकारी दी। उन्होंने एसपीओ का पुलिस में शामिल होने पर स्वागत किया। परेड के अंत में हरियाणा पुलिस अकादमी के संयुक्त निदेशक राजबीर देसवाल ने सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर पीटीसी सुनारिया के महानिरीक्षक पीएस रंगा, मधुबन अकादमी की पुलिस महानिरीक्षक डॉ. सुमन मंजरी, करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुभाष यादव, सशस्त्र पुलिस के उप पुलिस महानिरीक्षक शिबास कविराज, करनाल के पुलिस अधीक्षक पंकज नैन आदि मौजूद रहे।