माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों के ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट न होने की वजह से परेशानी हो रही है। कोई किसान अपने ट्रैक्टर पर पेंट से नंबर लिखवा कर ला रहा है तो कोई कागज पर प्रिंट निकाल कर चिपका लाया है। किसी के पास ये विकल्प भी नहीं है तो वह ट्रैक्टर की आरसी देकर गेट पास कटवा रहा है।
गेट पर किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉलियों की भीड़ न लगे इसके लिए मार्केट कमेटी की ओर से गेट पास काटने के लिए दस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। सभी किसानों के साथ ट्रैक्टर के फोटो का मोबाइल से सत्यापन कर रहे हैं। अनाज मंडी के अंदर किसानों के सत्यापन के लिए मार्केट कमेटी की ओर से आठ बॉयोमीट्रिक मशीनें रखवाई हैं। जिन किसानों का बायोमीट्रिक अंगूठे से नहीं हो रहा है उनके लिए आंखों वाली दो बायोमीट्रिक मशीनें रखवाई गई हैं। एक किसान के साथ अन्य दो लोगों पर फसल बेचने के लिए नामित किया गया है। किसान पोर्टल के जरिए उनका ब्योरा दर्ज करवा सकता है। सोमवार को कुछ किसानों की ने हाथ से बॉयोमीट्रिक नहीं होने पर मार्केट कमेटी कार्यालय में रखी मशीनों से आंखों से बायोमीट्रिक कराई।
आवक बढ़ी, खरीद काफी कम
मंडी में गेहूं की आवक बढ़ती जा रही है। सोमवार तक जिले की 24 मंडियों और खरीद केंद्रों पर करीब 16 हजार 152 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसमें से 174 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खाद्य आपूर्ति विभाग ने 11 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की ओर से 163 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। फिलहाल गेहूं में नमी की वजह से खरीद नहीं हो पा रही है। विभाग की ओर से जांच में नमी की मात्रा 15 से 17 प्रति घन मीटर की दर्ज की गई है।
मौसम और कम आवक को देखते हुए अब तक आढ़ती निजी नमी मापक यंत्रों से नमी चेक नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम साफ होने के बाद धूप तेज होते ही फसल सूखने लगेगी। इसके बाद कहीं परेशानी आएगी तो वे अपने यंत्रों से भी नमी की जांच करवाएंगे।
हेल्पलाइन नंबर पर दें शिकायत
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 व 0184-2980735 जारी किए गए हैं। यह हेल्पलाइन सेवा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक क्रियाशील रहेगी।