फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैन कार्ड रोकेगा ब्लैक मनी

Sat, 26 Apr 2014 12:02 AM IST
अमर उजाला करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रॉपर्टी में खरीद फरोख्त करके ब्लैक मनी को छिपाने वाले लोग अब एक नंबर में खरीद फरोख्त करेंगे। क्योंकि सरकार ने हर रजिस्ट्री पर पैन कार्ड नंबर अनिवार्य कर दिया है।
विज्ञापन


इसके तहत पैसे के लेन देन का पूरा हिसाब रहेगा। सरकार के आदेशानुसार अब तहसील में होने वाली किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री पर खरीदार और बेचने वाले को पैन कार्ड नंबर देना होगा। स्पष्ट रूप से सरकार द्वारा यह नियम लागू करने के पीछे मंशा अचल संपत्ति में ब्लैक मनी के निवेश को काबू करना है। पैन नंबर के जरिये संबंधित विभाग खरीदार और बेचने वाले की किसी भी आदान प्रदान को चेक कर सकेगा। इससे यह बात भी सामने आ जाएगी कि संबंधित व्यक्ति ने खरीदी और बेची गई संपत्ति का विवरण आयकर रिटर्न में दर्शाया है या नहीं।

पैन कार्ड से बढ़ेगी मुश्किलें
अचल संपत्तियों के खरीद फरोख्त में भारी मात्रा में ब्लैक मनी का निवेश होता है। लोग संपत्तियों का खरीदना और बेचना आज के समय में ऐसे कर रहे हैं, जैसे सब्जी मंडी से सब्जी खरीद रहे हों। निश्चित तौर पर ऐसी खरीद फरोख्त में ब्लैक मनी के निवेश से इंकार नहीं किया जा सकता। संपत्ति के बेचने पर कानून के मुताबिक सरकार को कैपिटल गेन टैक्स जमा कराना होता है। बहुत सारे लोग सरकार और आयकर विभाग से इनको छिपा लेते हैं। इससे सरकार को भारी हानि होती है और अघोषित संपत्ति के बार-बार खरीदने और बेचने से ब्लैक मनी का चलन बढ़ता जाता है। पैन कार्ड नंबर हर रजिस्ट्री में दर्शाने से खरीदार और बेचने वाले का हर निवेश अब आयकर विभाग की जद में आ जाएगा। इससे लोग संपत्ति के खरीद फरोख्त में अघोषित रुपये का इस्तेमाल बंद कर देंगे।
विज्ञापन


सबको बनवाना पड़ेगा पैन कार्ड
इन नियम के चलते अब गरीब आदमियों और किसानों को भी संपत्ति आदि खरीदने के लिए पैन कार्ड बनवाने पड़ेंगे। सरकार द्वारा बनाए गए इस नियम के मुताबिक अब छोटे से छोटे प्लॉट भी बगैर पैन नंबर के नहीं खरीदे जाएंगे।
पैन कार्ड बनवाने के लिए अपना आईडी कार्ड, जन्मतिथि प्रमाणपत्र और दो फोटो अनिवार्य हैं। पैन कार्ड 15 से 30 दिन में बनकर आ जाता है।

आ जाएगी खरीद फरोख्त में कमी
सरकार के इस नियम से निश्चित तौर पर संपत्ति की खरीद फरोख्त में भारी गिरावट देखी जा सकेगी। क्योंकि वही संपत्ति खरीदेगा या बेचेगा जिसके पास निवेश किए गए धन का सही ब्योरा होगा। लोग प्रॉपर्टी में धन लगाकर आयकर विभाग के टैक्स से बेचते रहते थे।

मुनाफे पर भरना होगा टैक्स
पैन कार्ड का उपयोग होने पर खरीद फरोख्त में जो मुनाफा हुआ है उस पर नियम के मुताबिक 20 प्रतिशत आयकर विभाग को टैक्स जमा करवाना होता है। अब तक लोग इससे बचते रहते थे और खरीद फरोख्त का आदान प्रदान आयकर विभाग की नजरों से बचा रहता था। अब यदि कानून के मुताबिक संपत्ति के खरीद फरोख्त के मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स आयकर की रिटर्न भरते वक्त नहीं चुकाया तो आयकर विभाग उस पर कार्रवाई कर जुर्माना लगा सकता है।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें