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पाकिस्तानी मेहमानों का पिहोवा में जोरदार स्वागत

Sun, 09 Feb 2014 12:51 AM IST
कुरुक्षेत्र
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हजारों किलोमीटर का सफर कर पिहोवा पहुंचने पर पाकिस्तानी मेहमान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और भावुक हो गए। पाकिस्तानी मेहमानों ने बताया कि ऐसा लगा ही नही कि वे किसी दूसरे देश में आए हैं बल्कि ऐसा लग रहा है कि वे अपने परिवार के बीच पहुंच गए।
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बता दें कि पाकिस्तान से आए इन मेहमानों के पूर्वज पिहोवा के गुमथला गढू गांव के ही रहने वाले थे। गुमथला गढू गांव के रहने वाले पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू के भतीजे के विवाह समारोह में पाकिस्तान से भाग लेने पहुंचे राणा शहजाद खान और उनके साथ आए शिष्टमंडल के सदस्यों ने एक दूसरे से अपने विचार सांझा किए।

राणा शहजाद खान ने कहा कि गुमथला गढू गांव से उनके  परिवार की पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं। जब भी भारत आने का मौका मिलता है तो वे अपनी इस मिट्टी को सजदा करने के लिए जरूर आते हैं।
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इतना ही नहीं यहां के लोगों का प्यार भी उन्हें अपनी ओर खींच लाता है। उन्होंने कहा कि बेशक वक्त ने भारत व पाक के रूप में दो देशों का अस्तित्व कायम कर दिया हो लेकिन लोगों के दिलों के प्यार में कोई कमी नहीं है। सरहद की दीवारें भी उनके दिलों के प्यार को कम करने में हमेशा नाकाम रहती हैं।

गांव गुमथला गढू से 1947 में पाकिस्तान गए लोगों के मन में अभी भी अपनी मातृभूमि के प्रति पूरा लगाव है तथा वे प्रत्येक सुख दु:ख के मौके पर यहां शिरकत करने आते रहते हैं। स्व. राणा फूल मोहम्मद के पुत्र व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत एसेंबली के स्पीकर राणा इकबाल खान व उनके पुत्र राणा शहजाद खान भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यहां आने पर यह नहीं लगता कि वे किसी दूसरे देश में आए हैं।

दोनों जगह की संस्कृति व सभ्यता बिल्कुल एक समान है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार अपने पिता व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत एसेंबली के स्पीकर राणा इकबाल खान के साथ यहां आ चुके हैं। यहां के लोगों द्वारा उन्हें व उनके परिवार को जो प्यार और मोहब्बत मिलती है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हम अपने परिवार में होने वाले किसी भी विवाह समारोह के निमंत्रण पत्र भारत में सबसे पहले भेजते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई के चलते ही वे दोनों देशों में दूरियां दिखाई जाती हैं, जबकि लोगों के मन में एक दूसरे के  प्रति प्यार पूरी तरह कायम है। राणा शहजाद खान ने कहा कि दोनों देशों में गांव, गलियां, शहर व स्कूल बिल्कुल एक जैसे नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ओर पाकिस्तान दोनों देशों में विकास हो रहा है। दोनों देशों के लोग सीमा पार जाकर अमन चैन व प्यार तथा सौहार्द का माहौल पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते ओर मजबूत होंगे। उनके साथ आए मेहमानों अरशद डोगर, सैफ अली, साहब खान, मोहम्मद छिन्ना, राणा फारूख खान ने कहा कि यहां मिले प्यार को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

कई स्थानों पर हुआ स्वागत
पिहोवा पहुंचने पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत एसेंबली के स्पीकर राणा इकबाल खान के पुत्र राणा शहजाद खान व अन्य मेहमानों का डीएवी पब्लिक स्कूल में प्राचार्य एनसी बिंदल व अन्य संस्थाओं ने भव्य स्वागत किया। डीएवी स्कूल में बच्चों द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी गीतों ने तो एक बार उनको झकझोर कर रख दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणी सभ्यता व संस्कृति की अलग ही पहचान है तथा वे पाकिस्तान में भी हरियाणा की लोक संस्कृति को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसके लिए वे डीएवी स्कूल के बच्चों को पाकिस्तान आने का न्योता भेजेंगे। युवा कांग्रेस की ओर से हलका अध्यक्ष गुरप्रीत कंबोज और बार एसोसिएशन की ओर से मोहित शर्मा, अनिल बागड़ी ने भी स्मृति चिह्न भेंट कर मेहमानों का स्वागत किया।
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