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ऑक्सी वन : मुगल कैनाल पर 2.4 किलोमीटर क्षेत्रफल पर बनेंगे 10 वन

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हर व्यक्ति को प्राण वायु मिलती रहे, इसके लिए प्रदेश सरकार ने ऑक्सी वन मॉडल योजना शुरू की है। इसके तहत करनाल में मुगल कैनाल के करीब 2.4 किलोमीटर लंबे क्षेत्रफल को ऑक्सी वन बनाया जाएगा। कुल 80 एकड़ भूमि पर बनने वाले वन के 10 घटक होंगे। इनमें चितवन, पाखीवन, अंतरिक्ष वन, तपोवन, आरोग्य वन, नीर वन, ऋषि वन, पंचवटी वन, स्मरण वन और सुगंध वन शामिल हैं। सेक्टर-4 में मुगल कैनाल की जमीन से सीएम मनोहर लाल ने शनिवार को पंचवटी पौधारोपण कर इस योजना की शुरुआत की है। इस पंचवटी में बेल, बरगद, आंवला, पीपल व अशोक के पौधे रोपे गए।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर वन विभाग के कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पार्क के रूप में विकसित होने वाले वन में एक सूचना केंद्र और एक स्मारिका की दुकान भी होगी। जो कि पार्क से संबंधित जानकारी व इसके घटकों से यहां आने वाले लोगों को जानकारी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि जब इस मॉडल की कल्पना की गई तो ही मन हर्षित हो उठा। इसके नामकरण की बात सामने आई तो यहां बनने वाले 10 वन घटक के नामों पर ऑक्सी वन नाम रखना ही तय किया गया। दरअसल, कोरोना काल में ऑक्सीजन प्राण वायु की ही दिक्कत आई थी। इसी तर्ज पर प्रदेश में अगले पर्यावरण दिवस तक कुल तीन करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों की आठ लाख एकड़ भूमि में से 10 प्रतिशत भूमि पर पंचवटी पौधे लगेंगे। वहीं सभी शहरों में 5 एकड़ से 100 एकड़ तक की भूमि पर ऑक्सी वन लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम से उन्होंने प्रदेश के लिए ऑक्सी वन मॉडल योजना और प्राण वायु देवता पेंशन योजना का शुभारंभ किया। वहीं वीसी के माध्यम से सीएम ने नगर वन पंचकूला का शिलान्यास और कुरुक्षेत्र तीर्थ के 134 स्थलों पर पंचवटी पौधारोपण कार्यक्रम की भी शुरुआत की। कार्यक्रम में विकल्प रंजन ने पर्यावरण पर गीत प्रस्तुति दी। उन्हें सीएम ने नकद पुरस्कार भी दिया। कार्यक्रम में विधायक रामकुमार कश्यप, विधायक धर्मपाल गोंदर, भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राणा, मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीएम के प्रतिनिधि संजय बठला, मंडल आयुक्त संजीव वर्मा, डीसी निशांत यादव और एसपी गंगाराम पुनिया भी उपस्थित रहे। -ब्यूरो
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बच्चों की तरह करें पौधों की परवरिश
सीएम ने कहा कि पहले पौधागिरी योजना में भी 22 लाख लोगों ने पौधारोपण किया। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को जोड़ा गया और उन्हें 50 रुपये हर छह माह में तीन वर्ष के लिए देने के लिए निर्णय लिया था ताकि पौधों का रखरखाव हो सके। कहा कि रखरखाव के अभाव में हर साल एक लाख पौधों में से 8 से 10 हजार ही जीवित रह पाते हैं। ऐसे में हमें अब वर्तमान समय से सीख लेकर पौधों की परवरिश बच्चों की तरह करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
पर्यावरण की चिंताएं बढ़ी हैं : वन मंत्री
कार्यक्रम में उपस्थित वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि पर्यावरण के लिए पूरी दुनिया में चिंता बढ़ी है, इसका कारण हम सब हैं। पेड़ों की कमी के कारण प्राकृतिक ऑक्सीजन की कमी हो रही है।
स्वार्थ में पेड़ों का किया दोहन : सांसद
कार्यक्रम में उपस्थित सांसद संजय भाटिया ने कहा कि सदियों से हमारे ऋषि मुनियों द्वारा बरगद, पीपल को भगवान के रूप में देखा जाता था। परंतु आज इनका स्वार्थ के लिए दोहन किया जा रहा है। पर्यावरण दिवस पर सभी को संकल्प लेना होगा कि पेड़ों से जुड़ें।
किसानों के प्रदर्शन का एलान देख चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
शनिवार को किसानों की ओर से कृषि कानूनों को लेकर सांसद, विधायक, मंत्री और जनप्रतिनिधियों के आवास पर प्रदर्शन करने का एलान था। ऐसे में कार्यक्रम में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सेक्टर-4 की ओर आने वाले हर रास्ते को डंफर और ट्राले लगाकर सील किया गया। खाली प्लाटों और रास्तों और बसताड़ा टोल पर भी पुलिस और आरएएफ की कंपनियां तैनात रही। मुख्य एंट्री पर जब तक सीएम नहीं आए एडीसी वीना हुड्डा भी फोर्स के साथ मोर्चे पर रहीं।
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