माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। घने कोहरे से तीन दिन और पाला पड़ेगा। आईएमडी ने इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। ऐसे में रविवार तक शहर कोहरे की चादर में ढके रहने की संभावना है। वीरवार को भी शहर धुंध की चादर में लिपटा रहा। हालांकि दोपहर में करीब एक घंटे तक निकली तेज धूप ने लोगों को सर्दी से काफी राहत दी। वीरवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम रही, वहीं शहरी क्षेत्रों में मध्यम से तेज धुंध छाई रही। धुंध बढ़ने से वाहनों की रफ्तार कम हो गई है और तापमान में भी कमी आई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। सर्दी का सितम इस कदर है कि अस्पतालों में बुखार, खांसी, जुकाम, जोड़ों के दर्द और गले में खराश के मरीज बढ़ गए हैं। डॉक्टरों ने बचाव की सलाह दी है। इसके अलावा बाजार में भी सुबह और शाम की रौनक कम हो गई है। जिसका असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। हालांकि दोपहर के समय में दुकान व शोरूमों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सर्दी के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर भी 10 प्रतिशत तक कम हुई है।
ट्रेनों की रफ्तार
वहीं, कोहरे से वाहनों की रफ्तार थम गई है। ट्रेनें काफी देरी से पहुंच रही हैं। ऐसे में मिनटों में तय होने वाला सफर अब घंटों में तय हो रहा है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाईवे-44 पर कोहरे के कारण दो सड़क हादसे भी हुए। राहत यह है कि इन हादसों में किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ। उससे पहले व उसके बाद पूरा दिन धुंध छाई रही जिससे दृश्यता कम हुआ और सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
चार अंक तक लुढ़का अधिकतम तापमान
वीरवार को अधिकतम तापमान बुधवार के मुकाबले चार अंक घटकर 19.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान दो अंक बढ़कर 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन धुंध छाए रहने से पूरा दिन ठिठुरन बनी रही। हवा की रफ्तार आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही। धुंध का ज्यादा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र ने बताया कि अगले दो दिन न्यूनतम तापमान में कमी आ सकती है। इसके साथ अधिकतम तापमान भी कम हो सकता है। इसलिए लोगों को स्वास्थ्य के साथ वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
सब्जी की फसल को नुकसान, गेहूं को फायदा
कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीरचंद का कहना है कि घने कोहरे और अधिक नमी सब्जी की फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इससे पत्तियों में रोग लगने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं दूसरी ओर गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। ठंड और नमी से गेहूं की पैदावार अच्छी होती है जिससे उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। सर्दी से गेहूं की फसल को किसानों व कृषि वैज्ञानिकों ने फायदेमंद बताया है। सर्दी में गेहूं की फसल की पैदावार में बढ़ोतरी होने की संभावना होती है। डॉ. वजीर का कहना है कि किसानों को गेहूं की फसल का समय पर रखरखाव करने के लिए कहा है।
स्कूलों में 85 प्रतिशत उपस्थिति
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि स्कूलों में यूं तो 95 प्रतिशत तक उपस्थिति दर थी। पिछले दो दिनों में यह दर घटकर 85 प्रतिशत पर आई है। हालांकि स्कूलों का समय पहले ही बदला जा चुका था। स्कूल प्रबंधकों को विशेष एहतियात बरतने की हिदायत दी है। इधर, कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं। यहां विद्यार्थियों को सुबह के सत्र की परीक्षा में तय समय से पहले पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।