सर्व धर्म एकता के प्रतीक हजरत इलाही बू अली शाह कलंदर साहिब की दरगाह पर सालाना उर्स मुबारक व भंडारे के दूसरे दिन शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बाबा जी की शान में पंखा निकाला गया। यात्रा में शामिल भारत मां और ऑपरेशन सिंदूर की झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं।
शोभायात्रा वार्ड-1 दरबार कलंदर साहिब, संत काॅलोनी से दोपहर 12 बजे शुरू होकर मुख्य बाजार, शहीद उधम सिंह चौक, गढ़ी बीरबल रोड, नया बाजार व मटक माजरी अड्डे से होती हुई दोपहर को तीन बजे दरगाह शरीफ पहुंची। शोभायात्रा में बाबा जी की पालकी, रथ-बग्घी, पंखों, चादरों की झांकी भी शामिल रहीं। सुभाष जिंदल, पवन गोयल, राजीव गोयल, सुरजीत सिंह, सुल्तान सिंह, सतीश कुमार, गुरमीत सिंह, मदन सिंह, नवल, पवन काम्बोज, कर्म सिंह, देव कश्यप, सुभाष, विपिन गोयल आदि शामिल रहे।
पांच प्रदेशों से आए श्रद्धालु
शोभायात्रा में करनाल के मशहूर बैंड ने अपनी धुनों से दमादम मस्त कलंदर की कव्वाली प्रस्तुत की। दर्शक झूम उठे। शोभायात्रा के मटक-माजरी अड्डे पर पहुंचने पर फूलों की चादर को सजाकर शोभायात्रा में शामिल किया गया। यात्रा में शामिल हुईं चादरें और पंखे दरगाह शरीफ पर चढ़ाए गए। उर्स में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल-प्रदेश, राजस्थान, उत्तर-प्रदेश के श्रद्धालुओं ने अपनी हाजिरी लगाई।