कैथ्ाल के कलायत में पेयजल आपूर्ति पाइप लाइन में सांप को देख कर गांव बाता में लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
गांव बाता में घटी घटना से आहत पंच रामकुमार ने बताया कि उनके घर में पिछले करीब एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा था। नल में कुछ-कुछ बूंदे ही पानी आ रहा था जिसको एकत्रित करके वे लोग पीने के लिए प्रयोग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह से ही उनके घर में करीब सभी लोग बीमार से नजर आना शुरू हो गए।
उन्होंने कहा कि वे अपने घर में पानी की आपूर्ति को शुरू करवाने के लिए बाता के जल घर में भी गए पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सोमवार को उन्होंने अपने ही स्तर पर प्रयास शुरू किए कि देखा जाए कि नल में रुकावट कहां है। पलंबर को बुला कर जब उन्होंने अपनी मोटर से पाइप को अलग करवाया तो उसमें फंसे सांप को देख कर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति हैरान रह गया।
पाइप को ऐसे ही छोड़ कर लोग गांव के जलघर में गए पर वहां कोई नहीं मिला। कर्मचारियों के मौके पर न मिलने से गुस्साए लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रामकुमार ने बताया कि उन्हें अब इस बात का एहसास हुआ कि उनके घर के सदस्य बीमार क्यों हुए हैं क्योंकि वे लोग पिछले एक सप्ताह से जहरीला पानी ही पी रहे थे।
प्रदर्शन कर रहे श्याम लाल शर्मा, प्रदीप, मोनू, महेंद्र, सुभाष, कुलदीप, रामकुमार, रामदिया पंच ने कहा कि इससे पूर्व भी जिस माइनर से जलघर में पानी आता है, उस माइनर में दो सप्ताह तक भैंसा मरा पड़ा रहा पर विभाग ने उसे निकालने की कोई प्रक्रिया नहीं की। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश बना हुआ है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें जहरीला पानी पीना पड़ रहा है।