करनाल के असंध में कॉलेज न होने से उच्च शिक्षा के प्रति लोगों में उदासीनता है। इस दुर्दशा के लिए निसंदेह सरकारी तंत्र जिम्मेदार है, वहीं इस बात से भी इंकार नहीं कर किया जा सकता कि क्षेत्र के लोगों ने उच्च शिक्षा के अपने हक के लिए आज तक आवाज नहीं उठाई।
इस कारण असंध क्षेत्र शिक्षा के मामले में पिछड़ता जा रहा है। यह बात जनाधिकार चेतना मंच के संयोजक प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बिलौना गांव में जनसभा के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि राजकीय कॉलेज स्थापित करने का अभियान अब गाव तक पहुंच गया है। जनतंत्र में जनमत की लंबे समय तक उपेक्षा करना किसी भी सरकार के लिए संभव नहीं होता। क्षेत्र की जनता असंध में सरकारी कॉलेज की मांग को लेकर अब जागरूक हो रही है। मगर अभी इसके पक्ष में व्यापक जनमत बनाए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि दो अक्तूबर की शाम असंध में कैंडल मार्च के साथ कॉलेज के लिए सत्याग्रह का आगाज हो चुका है। इसे विभिन्न प्रकार के जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि सरकार को लोगों की भावनाओं से प्रभावी ढंग से अवगत कराया जाए। अब समय आ गया कि लोग अपने अधिकार के लिए प्रजातांत्रिक ढंग से संघर्ष के लिए उठ खड़े हों।
ग्रामीणों ने मदद का दिया भरोसा
गांव की प्रजापति धर्मशाला में आयोजित सभा की अध्यक्षता सरदार जसवंत सिंह ने की। सभा में ग्रामीणों ने कॉलेज के लिए जारी संघर्ष में मंच को हर संभव मदद देने का संकल्प लिया। साथ ही गांव में स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय की स्थापना के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर सभा के दौरान ही इसके लिए भावी योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर मेहर सिंह प्रजापत ने गांव के सरकारी स्कूल की बदहाली का सवाल उठाया। इस पर सभा से फैसला किया कि मौजिज लोग मिलकर पंचायत की मदद से स्कूल में चल रही गड़बड़ियों पर लगाम कसें।
ये लोग रहे मौजूद
सभा में पंच सुरेश कुमार व पंच जसपाल सिंह के अलावा भगवान दास, जितेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, सुखदेव सिंह, कश्मीर सिंह, काबल सिंह, राजदीप सिंह, सेवा सिंह और हरजोत सिंह विर्क समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की।