- आठ जिलों में एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं, सात में महज एक, करनाल, पंचकूला व पानीपत में दो तो अंबाला-हिसार में तीन-तीन
- गुरुग्राम में सर्वाधिक 15 पंजीकृत एजेंटों में से सात के लाइसेंस एक्सपायर, हिसार के एक एजेंट का निलंबित भी हो चुका
- हरियाणा के पंजीकृत 38 एजेंटों में से भी 13 के लाइसेंस निष्क्रिय, चंडीगढ़ में 41 तो पंजाब में महज 18 पंजीकृत
- देश में 3005 पंजीकृत एजेंट, इनमें 2194 के लाइसेंस ही सक्रिय
- हरियाणा में 95 फीसदी से ज्यादा एजेंटों का नहीं पंजीकरण
- महाराष्ट्र और दिल्ली में सबसे ज्यादा लाइसेंसशुदा एजेंट
गगन तलवार
करनाल। विदेश भेजने के लिए यूं तो प्रदेश के हर जिले में एजेंट कार्यालय खोलकर बैठे हैं, लेकिन इनमें से 95 फीसदी एजेंट बिना लाइसेंस के ही काम कर रहे हैं। ऐसे में ये एजेंट मोटी रकम वसूलने के बाद अवैध तरीके से ही विदेश भेजने का रास्ता अपनाते हैं। विदेश मंत्रालय के आठ फरवरी तक के रिकॉर्ड के अनुसार, हरियाणा में महज 38 पंजीकृत एजेंट हैं। इसके अलावा अन्य सभी अवैध तरीके से विदेश भेजने का काम कर रहे हैं।
बड़ी बात तो यह है कि प्रदेश में आठ जिले ऐसे हैं, जहां पर एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं है। यहां सभी बिना लाइसेंस के ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा सात जिले ऐसे हैं, जहां पर महज एक ही एजेंट पंजीकृत है। वहीं करनाल, पंचकूला और पानीपत सहित तीन जिलों में दो-दो तो अंबाला व हिसार में तीन-तीन एजेंटों के पास वैध लाइसेंस हैं।
इसके अलावा प्रदेश में सर्वाधिक 15 पंजीकृत एजेंट साइबर सिटी गुरुग्राम में हैं, लेकिन इनमें से भी आधे एजेंटों के लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं, ये भी अब बिना लाइसेंस रिन्यू कराए काम कर रहे हैं। लाइसेंस होने पर भी गलत तरीके से काम करने पर हिसार के एक एजेंट का लाइसेंस विदेश मंत्रालय की ओर से निलंबित भी किया जा चुका है।
ओवरऑल स्थिति पर निगाह डालें तो प्रदेश के पंजीकृत 38 एजेंटों में से 13 के लाइसेंस निष्क्रिय हैं, इनमें 12 के लाइसेंस एक्सपायर, एक का रद्द और एक का निलंबित है। प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ और पड़ोसी राज्यों की स्थिति देखें तो चंडीगढ़ में 41 और पंजाब में महज 18 एजेंट पंजीकृत हैं। वहीं, देश में कुल 3005 ही पंजीकृत एजेंट हैं, इनमें से 2194 का लाइसेंस ही सक्रिय है।
पंजीकृत दो पर करनाल में 180 से ज्यादा कार्यालय
सबसे ज्यादा विदेश भेजने वाले जिलों में शामिल करनाल में महज दो ही पंजीकृत एजेंट हैं। इनमें से भी एक लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है। जबकि करनाल में इमीग्रेशन व विदेश भेजने वाले एजेंटों के कार्यालयों की संख्या 180 से ज्यादा है। सबसे ज्यादा 450 एससीओ वाले मुगल कैनाल, बस स्टैंड के पीछे के मार्केट, सेक्टर-6, 07, 13 और मॉडल टाउन में भी एजेंटों के कार्यालय हैं। यदि विदेश मंत्रालय से जारी लाइसेंस केवल दो के पास ही है तो अन्य सभी अवैध तरीके से काम कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति प्रदेश के अन्य सभी जिलों में है।
रोहतक-कैथल समेत आठ जिलों में नहीं पंजीकृत एजेंट
प्रदेश के आठ जिलों में एक भी पंजीकृत एजेंट नहीं है। जिनमें रोहतक, कैथल, फतेहाबाद, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और सोनीपत का नाम शामिल है। जबकि इन आठों जिलों से हजारों लोग विदेश गए हुए हैं। इसके अलावा यहां पर विदेश भेजने के नाम पर काम करने वाले एजेंटों के कार्यालयों की संख्या भी सैकड़ों में है। ऐसे में ये सभी अवैध तरीके से ही काम कर रहे हैं।
देश में पंजीकृत एजेंटों की संख्या में 13वें पायदान पर हरियाणा
देश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विदेश भेजने के नाम पर पंजीकृत एजेंटों की संख्या के आधार पर हरियाणा 13वें पायदान पर है। जबकि पड़ोसी राज्यों में पंजाब 15वें, उत्तराखंड 19वें, हिमाचल प्रदेश 22वें स्थान पर है। जबकि चंडीगढ़ 11वें, राजस्थान सातवें, उत्तर प्रदेश छठे और दिल्ली दूसरे पायदान पर है। देश में सबसे ज्यादा 899 पंजीकृत एजेंट महाराष्ट्र और सबसे कम महज एक लाइसेंसशुदा एजेंट छत्तीसगढ़ में है।
पड़ोसी राज्यों में पंजीकृत एजेंट
राज्य
पंजीकृत एजेंट
दिल्ली
436
यूपी
117
राजस्थान
95
हरियाणा
38
पंजाब
18
उत्तराखंड
08
हिमाचल
03
हरियाणा के इस जिले की पंजीकृत एजेंटों के लाइसेंस की यह है स्थिति
जिला
कुल पंजीकृत
सक्रिय
एक्सपायर
रद्द
गुरुग्राम
15
08
06
01
फरीदाबाद
04
03
01
0
अंबाला
03
02
01
0
हिसार
03
02
0
0
करनाल
02
01
01
0
पंचकूला
02
02
0
0
पानीपत
02
02
0
0
रेवाड़ी
01
01
0
0
सिरसा
01
01
0
0
भिवानी
01
01
0
0
कुरुक्षेत्र
01
0
01
0
जींद
01
0
0
01
यमुनानगर
01
01
0
0
झज्जर
01
01
0
0
कुल
38
25
10
02
( यह आंकड़े विदेश मंत्रालय के आठ फरवरी तक के रिकाॅर्ड अनुसार हैं)
आमजन विदेश भेजने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी करने वाले अनधिकृत ट्रैवल एजेंट एवं एजेंसियों से सावधान रहें। सरकार की ओर से अधिकृत ट्रैवल एजेंट एवं एजेंसियों से ही विदेश जाने के लिए संपर्क किया जाना चाहिए और अच्छी तरह से पूछताछ कर लें। विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, करनाल में केवल दो एजेंट ही पंजीकृत हैं।
- उत्तम सिंह, उपायुक्त