नगर निगम करनाल की निर्वाचित हाउस की अंतिम बैठक आज, उठ सकते हैं कई अहम मुद्दे
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम का वर्ष 2018 में निर्वाचित बोर्ड पिछले पांच सालों में कई ऐसे फैसले रहे, जिन्हें परवान नहीं चढ़ा पाया। शहर के लोग लावारिश कुत्तों, बंदरों से परेशान रहे, सदन में कई बार ये मुद्दा उठा, लेकिन नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। कोई भी शहरी क्षेत्र के अवैध कॉलोनी को वैध नहीं करा सका। नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड की अंतिम हाउस की बैठक वीरवार सुबह 11 बजे से होगी। जिसमें पार्षदों की ओर से उन प्रस्तावों का हिसाब मांगा जा सकता है, जो सदन में रखे तो गए लेकिन सिरे नहीं चढ़े।
नगर निगम की 14 दिसंबर की बैठक के लिए तैयार एजेंडे में कुल 12 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इनमें तीन प्रस्ताव तो अवैध कॉलोनियों से संबंधित ही है। जिसमें ऐसी कॉलोनियां जो चुनाव से पहले 2018 में नियमित हुई थी और वह कॉलोनियां जो नगर निगम बनने से पहले 2013 में नियमित हुई थी, उनके बीच जो हिस्से नियमित होने से वंचित रह गए थे, जो शहर के विकास में तो रोड़ा है ही, लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं, इनका सर्वे पूरा होने के बाद इन्हें नियमित करने के लिए सदन में रखने के लिए एजेंडे में शामलि किया गया है।
इसके अलावा महापौर की ओर से एजेंडे से अलग से भी कई प्रमुख सड़कों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की बात रखी जा सकती है। इसके साथ साथ दिव्य नगर योजना के तहत शहर के सुंदरीकरण पर चर्चा की जा सकती है। इस योजना के तहत 50 प्रतिशत धनराशि तो निगम लगाता हैशशेष 50 प्रतिशत राशि सरकार देती है। महापौर रेणू बाला गुप्ता के अनुसार योजना में शहर के 20 गोलचक्र, 20 पार्क और करीब पांच किलोमीटर सड़कें लेने की योजना तैयार की गई है, जिनका इस योजना से सुंदरीकरण किया जाएगा।
बोर्ड का कार्यकाल तीन जनवरी 2024 को पूरा हो रहा है। भले ही चुनाव कभी भी हों लेकिन निर्वाचित बोर्ड का कार्यकल पूरा होना तो तय है। इसके बाद नगरनिगम की कमान पूरी तरह अधिकारियों के हाथ में आ जाएगी।
पार्षदों ने भी सदन में रखने के लिए विकास कार्यो की लंबी चौड़ी सूची तैयार की है। कई मुद्दे इसमें उठ सकते हैं। पार्षद जवाब मांग सकते हैं कि उन्होंने पांच सालों के दौरान जो प्रस्ताव रखे, उनमें कुछ ऐसे प्रस्ताव हैं जो सिरे नहीं चढ़े, ऐसा क्यों हुआ।