कंप्यूटराइज टेली रजिस्ट्रेशन बुकिंग सेवा की शुरुआत के साथ करनाल जेल प्रदेश की पहली ऑनलाइन सेवा प्रदाता जेल बन गई है।
अब जैल में बंद कैदियों के रिश्तेदार कैदियों से मिलने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते हैं। मुलाकात के लिए एक दिन पहले पंजीकरण होगा।
इस सेवा की शुरुआत करनाल जेल अधीक्षक शेर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि हाल ही में एशिया के बाइस देशों के जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक विज्ञान भवन दिल्ली में हुई।
इस बैठक में टेली बुकिंग पंजीकरण सेवा पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसके बाद ही प्रदेश में करनाल जेल को ट्रायल के लिए यह सेवा में शामिल किया गया है। इसके बाद पूरे प्रदेश में पंजीकरण सेवा शुरू होगी।
ऐसे होगा टेली बुकिंग पंजीकरण
उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए मुलाकाती को पहचान पत्र का विवरण तथा अन्य सूचनाएं देनी होंगी। इसके बाद उन्हें एक नंबर दिया जाएगा। इसके तहत वह प्राथमिकता के आधार पर बिना लाइन में लगे करनाल जेल के मुलाकात काउंटर पर अपना पहचान पत्र दिखाकर मुलाकात कर सकेंगे। पंजीकरण के लिए जेल में दो नए फोन नंबर शुरू किए गए हैं। इन नंबरों पर हर दिन शाम तीन बजे से पांच बजे के बीच पंजीकरण किया जा सकता है। शेर सिंह ने कहा कि इस प्रणाली के अपनाने से जेल प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
बंदियों की कारीगरी की प्रशंसा
जेल अधीक्षक ने बताया कि इस कांफ्रेंस में विज्ञान भवन में पहली बार बंदियों द्वारा हस्त निर्मित वस्तुओं एवं कला कृतियों की स्टाल लगाई गई। इसे देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे तथा विदेशी मेहमानों से सराहा। इस कांफ्रेंस में हरियाणा जेल विभाग के डीजीपी यशपाल सिंघल ने हरियाणा का नेतृत्व किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि इस कांफ्रेंस में काफी कुछ नया सीखने के अतिरिक्त एशिया के अन्य देशों की जेलों में हो रही सुधार गतिविधियों और विचारों का आदान प्रदान किया गया।