कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का ट्रामा सेंटर लैब एक टेक्नीशियन और छात्रों के सहारे चल रही है, जबकि मेडिकल कॉलेज में दो पेथोलॉजी डॉक्टर भर्ती किए गए हैं।
जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप होने के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इसलिए अधिकतर लोग रक्त के प्लेटलेट्स की जांच कराने आ रहे हैं, लेकिन लैब में टेक्नीशियन की कमी के कारण इनको कई घंटे लाइनों में लगना पड़ रहा है।
कई घंटे लाइन में लगने के बाद लोगों के खून के सैंपल लिए जाते हैं। शनिवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बनी राज्य प्रयोगशाला में अवकाश होने के कारण वहां का सारा काम ट्रामा सेंटर में किया जा रहा है, लेकिन रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए न तो यहां अलग से टेक्नीशियन लगाया गया है न ही कोई पेथोलॉजी डॉक्टर काम कर रहा है।
इस कारण रोगियों और उनके परिजनों को सैंपल देने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जिले में डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। पिछले डेढ़ महीने में 94 लोगों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक रोगी की मौत भी हो चुकी है।
तीन घंटे करना पड़ा इंतजार
शनिवार को रक्त की जांच कराने ट्रामा में आए न्यू चार चमन से ओमप्रकाश, शांति नगर की शीतल, न्यू प्रेमनगर के योगेश और निधि, जाटो गेट से संजीव, आरके पुरम से कुलप्रीत, शिव कॉलोनी निवासी सूरज, सब्जी मंडी निवासी अजीत कुमार, रामनगर निवासी प्यारे लाल और कंबोपूरा निवासी कीर्ति ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे ट्रामा में खून का सैंपल देने के लिए पहुंच गए थे जबकि साढ़े 11 बजे तक रक्त के सैंपल नहीं लिए गए। काम काज के दिन में सुबह आठ बजे से दोपहर 2 बजे तक राज्य प्रयोग शाला में रक्त के सैंपल लेकर वहां पर जांच की जाती है।
जिस कारण ट्रामा सेंटर में रोगियाें की संख्या कम रहती है। लेकिन अवकाश के दिन राज्य प्रयोगशाला बंद होने के कारण सभी मरीज ट्रामा में लैब में अपने रक्त की जांच कराने के लिए आते हैं।