करनाल। जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण इस बार पिछले साल के मुकाबले तेजी से बढ़ा है। एक जनवरी से 8 सितंबर तक जिले में 350 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें 35 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। यानी जांच के लिए भेजे गए हर 10 नमूने में करीब एक पॉजिटिव मिला है। पिछले साल इसी अवधि में महज 10 मरीज संक्रमित मिले थे। इस लिहाज से इस साल पॉजिटिव मामलों में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ाने का दावा किया है। जिले के सरकारी अस्पतालों में रोजाना करीब पांच से सात नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इस साल अब तक स्वाइन फ्लू से जिले में कोई मौत नहीं हुई है और वर्तमान में दो मरीज एक्टिव हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में अब तक 350 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई है। इनमें 35 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस तरह जांच किए गए मरीजों में करीब 10 प्रतिशत में संक्रमण की पुष्टि हुई है। विभाग का कहना है कि संदिग्ध मरीजों की संख्या को देखते हुए सैंपलिंग बढ़ाई गई है और सरकारी अस्पतालों में रोजाना पांच से सात सैंपल लिए जा रहे हैं।
जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपलब्ध है। इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल और चार निजी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर व सैंपल कलेक्शन सेंटर सक्रिय हैं। निजी अस्पतालों और लैब से मिलने वाले पॉजिटिव मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को ई-मेल और आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से दी जा रही है।
पिछले साल 10, इस बार 35 मामले
उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि एक जनवरी से 8 सितंबर 2025 तक करनाल में स्वाइन फ्लू के 10 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। इस साल इसी अवधि में इनकी संख्या बढ़कर 35 हो गई है। यानी एक साल में 25 मामले अधिक सामने आए हैं। प्रतिशत के हिसाब से पॉजिटिव मामलों में 250 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि विभाग का कहना है कि संक्रमण की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। मरीजों की पहचान और निगरानी के लिए सैंपलिंग बढ़ाने के साथ अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था भी मजबूत रखी गई है।
बच्चों और 50 पार उम्र वालों पर ज्यादा खतरा
डॉ. अनु शर्मा के अनुसार 0 से 5 वर्ष के बच्चों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में स्वाइन फ्लू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से खांसते-छींकते समय नाक और मुंह ढकने, हाथों को बार-बार धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर या हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।