करीब पांच साल पहले सेक्टर-6 निवासी संजीत उर्फ सोनू हत्याकांड में हत्या आरोपी दोस्त मैनपाल को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंहल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत दोषी पर 18 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जबकि पीड़ित परिजनों को 50 हजार रुपये मुआवजा भी देने के आदेश दिए हैं।
03 फरवरी 2016 को सिविल लाइन थाने में इस मामले में केस दर्ज किया गया था। जिसमें आरोपी सेक्टर-6 निवासी मैनपाल पर अपने दोस्त संजीत की यूपी में ले जाकर हत्या का आरोप लगाया गया था। एडवोकेट अमृत बिसार ने बताया कि सेेक्टर-6 निवासी सुरजीत सिंह ने सिविल लाइन थाना में दी शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा था कि उसका भाई संजीत उर्फ सोनू 23 जनवरी 2016 को जरनैली कॉलोनी में बुटीक के उद्घाटन पर आया था। इस दौरान आरोपी मैनपाल भी वह भी पहुंचा हुआ था। आरोपी मैनपाल उसके भाई संजीत का दोस्त था। वहीं से आरोपी उसके भाई को किसी काम का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया था। 24 जनवरी को 2016 को मैनपाल घर वापस आ गया, लेकिन उसका भाई संजीत नहीं आया।
सुरजीत ने बताया कि जब उसने मैनपाल से अपने भाई संजीत के वापस न लौटने का कारण पूछा तो मैनपाल ने बताया कि वह संजीत को लेकर गांव भूरा (यूपी) अपनी मोटरसाइकिल पर लेकर गया था। वहां उन्होंने अनवर उर्फ बच्ची के पास अपनी मोटरसाइकिल तीन हजार रुपये में गिरवी रख कर उससे नशीला पदार्थ खरीदा था। वहां से वे दोनों गांव बराला (यूपी) के बस अड्डा पर इकट्ठे गए थे। इसके बाद वह तो घर आ गया और मगर संजीत वहां से लापता हो गया।
मैनपाल की बात सुनने के बाद सुरजीत ने अपने भाई की यूपी के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू कर दी। इसके बाद 2 फरवरी को उन्हें यूपी झिंझाना थाना से सूचना मिली की यमुना के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। जब वह मौके पर पहुंचे तो वह शव उसके भाई संजीत का था। जिससे उन्हें पूरा यकीन है कि आरोपी मैनपाल व अनवर उर्फ बच्ची ने उसके भाई की हत्या की है। पुलिस ने मैनपाल व अनवर के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था। अब अदालत ने तमाम सुबूतों और गवाहों के मद्देनजर मैनपाल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।