संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। नवरात्र की समाप्ति पर मंगलवार को अष्टमी के दिन लोगों ने घरों में कन्याओं की पूजा कर अपने व्रत खोले। देवी के भक्त अष्टमी से एक दिन पूर्व भी देवी के बाल रूप कंजकों को पूजने के लिए ढूंढते रहे। कन्याएं नहीं मिलीं तो ऐसे घरों में, जहां लड़कियां थीं, जाकर प्रसाद दिया यगा।
लोगों को दस वर्ष से कम उम्र की कन्याएं पूजने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई जगहों पर कंजकें न मिलने से दुखी लोगों ने एक-दो कन्याओं से ही काम चलाया। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दिक्कत लोगों को कम आई। कस्बा क्षेत्रों में लोगों को कंजकों के लिए काफी भाग दौड़ करनी पड़ी। गौरतलब है कि नवरात्रों की पूजा बिना कन्याओं की पूजा के पूरी नहीं मानी जाती। इसलिए अष्टमी के दिन कन्याओं के पूजन का एक अलग ही महत्व होता है।