अभी जिन सड़कों पर खामियों के चलते हम विभागों को कोसते हैं। कल वहीं सड़कें शहर का मॉडल बनेंगी। जिला प्रशासन का यह दावा कितना सही साबित होगा यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन सोमवार को हुई रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में सड़कों के मामले में करनाल को मॉडल बनाने का डीसी निशांत कुमार यादव ने एजेंडा रखा। पिछले माह की बैठक में उन्होंने इस पर सिर्फ चर्चा ही की थी। इस बार बैठक में ही उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से काम करने के लिए सड़क पूछ ली। करीब 20 मिनट की चर्चा के बाद शहर में पश्चिमी यमुना बाईपास, सेक्टर-12 में सीएम कैंप ऑफिस से जाट भवन तक, सेक्टर-4 व 5 की डिवाइडिंग रोड, नमस्ते चौक से नई अनाज मंडी तक और गेंगर-पधाना रोड को मॉडल बनाना तय हुआ है। जिसे मार्च माह यानी अगली रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक तक विभागों की ओर से तैयार किया जाएगा। वहीं निंसिंग में गुरुद्वारा से गोंदर रोड, असंध में रत्तक रोड, घरौंडा में रेलवे रोड व इंद्री, तरावड़ी और नीलोखेड़ी के लिए अभी सड़क का चयन होना है। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, मार्केटिंग बोर्ड और सभी नगर पालिकाओं के अधिकारियों को बेहतर काम करने के निर्देश देते हुए डीसी ने दावा किया कि मॉडल सड़कें ऐसी होंगी जिसे देखकर लोग कहेंगे सड़क हो तो ऐसी।
गड्ढामुक्त होने के अलावा सेफ्टी का भी रखा जाएगा ध्यान
मॉडल सड़कें पूरी तरह से जहां पूरी तरह से गड्ढा मुक्त होंगी। वहीं, इन पर सड़क सुरक्षा संबंधित हर बिंदू का ध्यान रखा जाएगा। रोड सेफ्टी एसोसिएट सचिन के अनुसार, मॉडल सड़कों पर हर जरूरी संकेतक, लाइट, रिफ्लेटर, रोड मार्किंग व स्पीड ब्रेकर होंगे। साथ ही जहां जरूरत होगी, वहां पर ट्रैफिक लाइटें भी लगाई जाएंगी।
..ताकि हादसा मुक्त हो करनाल
डीसी निशांत कुमार यादव का कहना है कि मॉडल सड़क के लिए उन्हीं सड़कों को चुना जा रहा है। जिनकी वर्तमान में हालत खराब है। या फिर ज्यादा लोगों की उस रोड पर आवाजाही है। रोड इंजीनियरिंग से जुड़े हर विभाग को एक-एक सड़क तैयार करने को कहा गया है। इसके पीछे का उद्देश्य करनाल की सड़कों को हादसा मुक्त करने के अलावा सुरक्षित बनाना भी है।
अधिकारियों के तर्क पर डीसी ने क्या दिया जवाब-
1. पीडब्ल्यूडी-
..आप नया क्या करेंगे इसमें?
डीसी के पूछते ही पीडब्ल्यूडी प्रतिनिधि बोले, सिक्स लेन हो रहे हाईवे को तैयार कर देंगे। डीसी बोले वो तो पहले से ही बन रही है, आप नया क्या करेंगे इसमें? फिर पश्चिमी यमुना बाईपास को मॉडल रोड बनाने की सहमति बनी। अभी सड़क पर कई जगह गड्ढे भी हैं। साथ ही सड़क सुरक्षा संबंधित कई कार्य होने की भी जरूरत है।
2. मार्केटिंग बोर्ड-
अरे, सर्दी में दिमाग तो चलता ही है..
मार्केटिंग बोर्ड के एडीओ राजकुमार से जब डीसी ने पूछा तो वे बोले साहब से बात करके बताएंगे। जब डीसी ने ये पूछा कि किस सड़क पर ज्यादा काम होने की जरूरत है? तो वे बोले, सर्दी थी इसलिए काम बंद था। इस पर डीसी बोले, अरे.. सर्दी में दिमाग तो चलता ही है.. आप सड़क बताओ अभी..। तो बाद में नमस्ते चौक से नई अनाज मंडी रोड और गेंगर-पधाना रोड को मॉडल बनाने की उन्होंने बात कही।
3. नगर निगम-
रेलवे रोड नहीं, कोई ढंग का रोड लो ना...
नगर निगम के एमई सतीश मित्तल बोले, रेलवे रोड को मॉडल रोड बना देंगे सर..। इस पर डीसी बोले, वो सड़क ठीक है। कोई ढंग का रोड लो ना... काम करने के लिए जहां कुछ कमियां भी हो। समस्याएं हों, जिनके समाधान की जरूरत है। चर्चा के बाद सेक्टर-12 सीएम कैंप ऑफिस से जाट भवन तक रोड को मॉडल बनाने की सहमति बनी।
4. एचएसवीपी-
सर.. हमारे पास तो बजट ही नहीं..
मॉडल सड़क बनाने के सवाल पर एचएसवीपी के एक्सईएन धर्मबीर बोले, सर हमारे पास तो फंड ही नहीं है। डीसी बोले, इसमें कौन सा फंड लगना है। आप बैठक के हवाले से ऊपर से प्रपोजल लें। चर्चा के बाद एक्सईएन ने सेक्टर-4 और 5 की डिवाइडिंग रोड को मॉडल बनाने का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी ने सहमति दी।